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दिल्ली में CJP का प्रदर्शन फिर जारी रखने का ऐलान, 7 हजार लोगों को हिरासत में लेने का दावा
जंतर-मंतर पहुंचने से पहले रोके गए संगठन के नेता, 45 मेट्रो स्टेशन रात 10 बजे तक बंद, सेवाओं पर पाबंदी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में रविवार को सुनवाई
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नई दिल्ली। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रही। संगठन के नेताओं और समर्थकों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई। खबरों के मुताबिक, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत पार्टी के कुछ नेताओं को दिल्ली पहुंचने पर हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के दौरान करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए राजधानी में बड़े पैमाने पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। कई प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा घेरा बनाया गया, जबकि अलग-अलग इलाकों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की खबरें भी सामने आईं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
CJP ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था।
संगठन के नेताओं का कहना है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस की कार्रवाई के बाद पार्टी ने प्रदर्शन जारी रखने की बात दोहराई है। संगठन के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
अभिजीत दीपके समेत कई नेता हिरासत में
रिपोर्ट के अनुसार, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने पर पुलिस ने हिरासत में लिया। संगठन ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि उसके नेताओं को प्रदर्शन का नेतृत्व करने से रोकने के लिए हिरासत में लिया गया।
दिनभर राजधानी के विभिन्न इलाकों में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की खबरें आती रहीं। पुलिस ने बताया कि हिरासत केंद्रों से महिलाओं और बुजुर्गों को छोड़ा जा रहा है।
45 मेट्रो स्टेशन रात 10 बजे तक बंद
सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने 45 मेट्रो स्टेशनों को शनिवार रात 10 बजे तक बंद रखने की जानकारी दी। ये स्टेशन शुक्रवार रात से बंद किए गए थे। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति की समीक्षा कर रही थीं।
मेट्रो सेवाओं पर रोक और इससे जुड़े आदेशों के कथित उल्लंघन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले पर रविवार को सुनवाई प्रस्तावित है। याचिका में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई है।
दूसरे शहरों में भी विरोध प्रदर्शन
दिल्ली में कार्रवाई के बीच अन्य शहरों से भी विरोध प्रदर्शन की खबरें आईं। मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में प्रदर्शन कर रहे करीब 600 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई। पुणे में भी लगभग 80 से 100 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
महाराष्ट्र के नासिक में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग और SIR के विरोध में मशाल जुलूस निकाला गया। इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
राजनीतिक नेताओं ने उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कई राजनीतिक नेताओं ने सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक वीडियो संदेश के जरिए प्रदर्शनकारियों से आंदोलन जारी रखने की अपील की। वहीं, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और अन्य विपक्षी नेताओं ने सुरक्षा बलों की भारी तैनाती पर टिप्पणी की।
दूसरी ओर, पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बताया गया है।
आगे क्या?
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है। रविवार को सुप्रीम कोर्ट में मेट्रो सेवाओं से जुड़े मामले की सुनवाई पर भी नजर रहेगी। अदालत की सुनवाई और सुरक्षा एजेंसियों के अगले फैसलों के बाद दिल्ली में यातायात तथा सार्वजनिक परिवहन की स्थिति में बदलाव हो सकता है।
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