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12 अक्तूबर 2026 | भरोसेमंद खबरें, सीधे आपके शहर से
अंक: 12 Oct 2026
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नोएडा के अस्पताल से नवजात बच्ची चोरी, 8 घंटे में दिल्ली से बरामद, बहन को देने की थी योजना

न्यूज़रूम डेस्क • • 3 मिनट पढ़ें
नोएडा के अस्पताल से नवजात बच्ची चोरी, 8 घंटे में दिल्ली से बरामद, बहन को देने की थी योजना

बच्चा न होने से परेशान थी आरोपी की बहन, सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा देकर परिवार से बढ़ाई नजदीकी, पुलिस ने महिला को गिरफ्तार किया

नोएडा। नोएडा के सेक्टर-110 स्थित मैटरनिटी चाइल्ड अस्पताल से तीन दिन की नवजात बच्ची चोरी होने के मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब आठ घंटे के भीतर बच्ची को दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में बागपत निवासी एक महिला को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी अपनी उस बहन को बच्ची देना चाहती थी, जिसकी शादी के कई साल बाद भी संतान नहीं हुई थी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला ने कथित तौर पर परिवार का विश्वास जीतने के लिए सरकारी सहायता दिलाने की बात कही थी। इसी बहाने वह बच्ची को अपने साथ लेकर अस्पताल से निकल गई। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने तलाश के लिए टीमें गठित कीं और सीसीटीवी फुटेज की मदद से बच्ची तक पहुंची।

किराये पर कमरा लेकर बनाई योजना

पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान बागपत निवासी उपासना के रूप में हुई है। बताया गया है कि उसने घटना से करीब नौ दिन पहले भंगेल में किराये पर कमरा लिया था। बच्ची को अस्पताल से ले जाने के लिए उसने अपने भाई कपिल की स्कूटी का इस्तेमाल किया, जो दिल्ली के करावल नगर में रहता है।

जांच में सामने आया कि आरोपी की बहन की शादी करीब नौ साल पहले हुई थी, लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी। पुलिस के मुताबिक, इसी परिस्थिति के चलते आरोपी ने नवजात बच्ची को अपनी बहन को देने की योजना बनाई थी।

सरकारी मदद का झांसा देकर जीता भरोसा

परिजनों के अनुसार, संदिग्ध महिला ने परिवार को बताया था कि बेटी के जन्म पर सरकार की ओर से ढाई हजार रुपये की सहायता मिल सकती है। इसके लिए कुछ कागजी प्रक्रिया पूरी करनी होगी और बच्ची को साथ ले जाना पड़ेगा।

बताया गया है कि इसी बात के बहाने महिला ने परिवार के लोगों से नजदीकी बनाई। शुक्रवार सुबह बच्ची की देखभाल के दौरान वह उसे लेकर अस्पताल से चली गई। कुछ समय बाद जब परिजनों को बच्ची नहीं मिली, तो अस्पताल में उसकी तलाश शुरू की गई।

सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग

बच्ची के गायब होने की सूचना मिलने पर अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों की तलाश के बाद भी बच्ची का पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दी गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दो टीमें गठित कीं। एक टीम ने बच्ची की तलाश की, जबकि दूसरी ने अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। फुटेज से मिले सुराग के आधार पर पुलिस दिल्ली पहुंची और बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

नवजात दंपति की पहली संतान

परिवार के मुताबिक, नवजात बच्ची गौतम और सपना की पहली संतान है। बच्ची के सुरक्षित वापस मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार जताया।

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने बच्ची को रुपये देकर लाने की बात कही थी, जबकि परिजनों ने इससे इनकार किया। मामले में आरोपी के मकसद और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच्ची को कुछ ही घंटों में सुरक्षित बरामद कर लिया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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