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12 अक्तूबर 2026 | भरोसेमंद खबरें, सीधे आपके शहर से
अंक: 12 Oct 2026
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यूपी कांग्रेस मुख्यालय में भिड़े नेता-कार्यकर्ता, जूते-चप्पल चलने का आरोप: अजय राय धरने पर बैठे

Rinku Yadav • • 4 मिनट पढ़ें
यूपी कांग्रेस मुख्यालय में भिड़े नेता-कार्यकर्ता, जूते-चप्पल चलने का आरोप: अजय राय धरने पर बैठे

लखनऊ में नए पदाधिकारियों के कार्यभार ग्रहण समारोह के दौरान करीब आधे घंटे तक चला हंगामा, प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद ने संभाला मोर्चा

अनप्लग इंडिया। डेस्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में रविवार को पार्टी के नए पदाधिकारियों के कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान विवाद खड़ा हो गया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस नेता ममता चौधरी से जुड़े विवाद में दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान जूते-चप्पल चलने के आरोप भी सामने आए। हंगामे के बाद अजय राय नाराज होकर धरने पर बैठ गए। वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद स्थिति संभली।

यह घटनाक्रम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित पक्षों के बयानों के अनुसार, अजय राय के पार्टी कार्यालय पहुंचने पर ममता चौधरी से उनकी कहासुनी हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

कहासुनी के बाद बढ़ा विवाद

ममता चौधरी का आरोप है कि अजय राय ने उनसे अभद्र लहजे में बात की और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई। उन्होंने खुद को दलित महिला बताते हुए सवाल उठाया कि उनसे इस तरह बात करने का अधिकार किसे है। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि उनके समर्थकों और वहां मौजूद महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की की गई। उन्होंने घटना को सुनियोजित बताया।

दूसरी ओर, अजय राय ने कहा कि उनके साथ गाली-गलौज की गई। हंगामे के दौरान उनके कुछ समर्थक भी आक्रोशित हो गए। हालांकि, विवाद की शुरुआत और मारपीट के आरोपों को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।

धरने पर बैठे अजय राय, वरिष्ठ नेताओं ने मनाया

घटना से नाराज अजय राय पार्टी कार्यालय में धरने पर बैठ गए। स्थिति को संभालने के लिए सांसद प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद उनके पास पहुंचे। प्रमोद तिवारी ने हाथ जोड़कर उन्हें मनाने की कोशिश की, जबकि इमरान मसूद ने भी बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया।

खबर के मुताबिक, इस दौरान अजय राय की राहुल गांधी से फोन पर बातचीत भी हुई। इसके बाद वह धरने से उठकर वहां से चले गए। हंगामे के कारण वह पदभार ग्रहण कार्यक्रम के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हुए।

अजय राय ने कार्रवाई की मांग उठाई

घटना के बाद अजय राय ने मीडिया से कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अपने समर्थकों के नाराज होने की बात को खारिज करते हुए कहा कि संगठन में बदलाव एक सतत प्रक्रिया है।

वहीं, इमरान मसूद ने कहा कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है और उनकी कोशिश उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने की होगी। उन्होंने इंडिया गठबंधन के मजबूती से चुनाव लड़ने की बात भी कही।

राहुल गांधी से ममता को हटाने की मांग की चर्चा

सूत्रों के हवाले से खबर में दावा किया गया है कि अजय राय ने राहुल गांधी से ममता चौधरी को पार्टी से बाहर करने की मांग की। राहुल गांधी ने कथित तौर पर उन्हें बैठकर बातचीत करने की सलाह दी और मामले में सार्वजनिक बयानबाजी से बचने को कहा। इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

पुराना विवाद फिर चर्चा में

ममता चौधरी लखनऊ के मालवीय नगर क्षेत्र की पार्षद हैं। बताया जाता है कि वर्ष 2023 में भी अजय राय और उनके बीच विवाद हुआ था। इसके बाद ममता के पार्टी कार्यालय आने पर रोक लगाए जाने की बात सामने आई थी। आराधना मिश्रा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद ममता के फिर से कार्यालय आने की चर्चा है।

घटना को लेकर उत्तर प्रदेश भाजपा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। पार्टी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर तंज कसते हुए कांग्रेस कार्यालय के हंगामे को लेकर टिप्पणी की।

कांग्रेस मुख्यालय में हुए इस घटनाक्रम ने प्रदेश संगठन के भीतर चल रहे मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है। हालांकि, विवाद में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पार्टी की ओर से औपचारिक कार्रवाई का विवरण सामने आना बाकी है।

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