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ओवैसी की योगी और अखिलेश को चुनौती, बोले- ‘बाबा संभल आएं, अखिलेश गोरखपुर जाएं’
आजमगढ़ की जनसभा में AIMIM प्रमुख का बयान, कहा- गांधी-नेहरू के नाम पर नहीं, अपने नेताओं के दम पर आगे बढ़ेगा समाज; युवाओं से राजनीतिक हिस्सेदारी की अपील
अनप्लग इंडिया। डेस्क
आजमगढ़। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को आजमगढ़ में आयोजित जनसभा के दौरान उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने योगी आदित्यनाथ को संभल और अखिलेश यादव को गोरखपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए कहा कि जनता दोनों नेताओं को चुनाव में हराएगी।
दीदारगंज विधानसभा क्षेत्र में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में उन लोगों की आवाज बनना है, जिन्हें राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाता। आयोजकों के मुताबिक, सभा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
‘गांधी-नेहरू के पीछे चलने के बजाय अपने नेता तैयार करें’
ओवैसी ने कहा कि मौजूदा दौर में किसी नेता के गांधी या नेहरू बनने के दावे के पीछे चलने के बजाय समाज को अपने नेतृत्व को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश उत्तर प्रदेश में लोगों की राजनीतिक आवाज बनने की है।
अपने भाषण में ओवैसी ने महात्मा गांधी और मौलाना अबुल कलाम आजाद का भी जिक्र किया। उन्होंने एक पत्र का हवाला देते हुए गांधी की भूमिका पर सवाल उठाए। यह टिप्पणी उन्होंने अपने राजनीतिक तर्क के समर्थन में की।
‘मुकाबला 99 प्रतिशत और 1 प्रतिशत के बीच’
AIMIM प्रमुख ने अपने संबोधन में आर्थिक असमानता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राजनीति को केवल 80-20 के नजरिये से नहीं देखना चाहिए। उनके मुताबिक, असली मुकाबला आम जनता और संपन्न वर्ग के हितों के बीच है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अमीर वर्ग के हितों के साथ खड़े होने का आरोप लगाया।
ओवैसी ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसी समस्याएं समाज के सभी वर्गों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने सरकार से रोजगार, शिक्षा और किसानों की सुविधाओं पर ध्यान देने की अपील की।
युवाओं से राजनीति में सक्रिय होने का आह्वान
सभा में ओवैसी ने युवाओं से कहा कि केवल राजनीतिक रैलियों में नारे लगाने या नेताओं के कार्यक्रमों में भाग लेने से बदलाव नहीं आएगा। उनके अनुसार, युवाओं को अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी के लिए आगे आना होगा और अपने मुद्दों को मजबूती से उठाना होगा।
उन्होंने आजमगढ़ की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए रोजगार और शिक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत बताई। ओवैसी ने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई से लोगों की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं होगा और सरकार को आम नागरिकों की जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए।
दहेज के खिलाफ भी दिया संदेश
अपने भाषण के दौरान ओवैसी ने युवाओं को विवाह और पारिवारिक जीवन को लेकर भी संदेश दिया। उन्होंने दहेज लेने को गलत बताते हुए युवाओं से अपनी पत्नी के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करने में संकोच नहीं करने की अपील की।
जनसभा में ओवैसी ने यह भी कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य केवल नेता बनना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में उन लोगों की आवाज बनना है, जिन्हें वे वंचित और कमजोर वर्ग मानते हैं।
ओवैसी के इस भाषण के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में AIMIM की भूमिका और आगामी चुनावों में पार्टी की रणनीति को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है। हालांकि, सभा में दिए गए राजनीतिक दावे और विरोधी नेताओं पर लगाए गए आरोप ओवैसी के अपने बयान हैं।
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