किसानों की मांगों को लेकर यीडा के ओएसडी से मिले भाकियू अंबावता के प्रतिनिधिमंडल, आंदोलन की चेतावनी
10 प्रतिशत विकसित भूखंड, आबादी की बैकलीज, रोजगार और टोल फ्री की मांग उठाई; महेश सिंह तंवर बोले—समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन करेंगे
अनप्लग इंडिया। डेस्क
ग्रेटर नोएडा। किसानों की समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के प्रतिनिधिमंडल ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिकारियों से मुलाकात की। गौतम बुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष चौधरी महेश सिंह तंवर के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र सिंह के सामने किसानों की विभिन्न समस्याएं रखीं और उनके जल्द समाधान की मांग की।
किसान प्रतिनिधिमंडल मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) से मिलने पहुंचा था, लेकिन उनके मौजूद नहीं होने के कारण किसानों ने ओएसडी शैलेंद्र सिंह से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने किसानों को मिलने वाले लाभ, आबादी संबंधी मामलों और स्थानीय युवाओं के रोजगार सहित कई मुद्दे उठाए।
किसानों ने रखीं छह प्रमुख मांगें
भाकियू अंबावता के प्रतिनिधिमंडल ने प्राधिकरण के सामने निम्नलिखित मांगें रखीं—
- 10 प्रतिशत विकसित भूखंड: किसानों को उनकी जमीन के बदले 10 प्रतिशत विकसित भूखंड दिए जाएं।
- आबादी की बैकलीज: किसानों की आबादी की बैकलीज की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। शिफ्टिंग से जुड़े लंबित मामलों का भी शीघ्र निस्तारण हो।
- स्थानीय युवाओं को रोजगार और शिक्षा: जिन जमीनों पर औद्योगिक इकाइयां स्थापित की गई हैं, उनसे प्रभावित किसानों के बच्चों को उद्योगों में नौकरी देने की व्यवस्था हो। साथ ही निजी स्कूलों में उनके बच्चों के लिए निर्धारित प्रतिशत में प्रवेश की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सके।
- सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं: किसानों के परिवारों को निजी अस्पतालों में रियायती दरों पर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- गांवों में बुनियादी सुविधाएं: जिन गांवों की जमीन प्राधिकरण ने अधिग्रहित की है, वहां पार्क और बारातघर का निर्माण कराया जाए।
- टोल फ्री की सुविधा: गौतम बुद्ध नगर के किसानों को टोल शुल्क से राहत देते हुए टोल फ्री सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
भाकियू अंबावता के जिलाध्यक्ष चौधरी महेश सिंह तंवर ने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्राधिकरण से किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उनका जल्द निस्तारण करने की अपील की।
तंवर ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगें नहीं मानी गईं और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन की जिम्मेदारी शासन और प्राधिकरण की होगी।
प्रतिनिधिमंडल में ये पदाधिकारी रहे शामिल
इस दौरान भाकियू अंबावता के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविंद्र प्रधान, राष्ट्रीय सचिव ओम सिंह अवाना, पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रवक्ता सुमित तंवर, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार, ग्रेटर नोएडा अध्यक्ष कपिल खारी, नोएडा अध्यक्ष डॉ. रोहतास, जिला उपाध्यक्ष विजयपाल भाटी, हरि अवाना, बबलू कश्यप, प्रमोद कश्यप, कविंद्र तंवर, गोविंद अंबावता, साजिद हुसैन और सतीश तंवर सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने प्राधिकरण के अधिकारियों के समक्ष किसानों की समस्याओं को रखते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की।
यह भी पढ़ें