आईटीएस डेंटल कॉलेज में ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया के आधुनिक उपचार पर कार्यशाला आयोजित
दिल्ली-एनसीआर के दंत चिकित्सकों और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, विशेषज्ञों ने बीमारी की पहचान, दर्द प्रबंधन और आधुनिक उपचार तकनीकों की दी जानकारी
अनप्लग इंडिया। डेस्क
ग्रेटर नोएडा। आईटीएस डेंटल कॉलेज, हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, ग्रेटर नोएडा में ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया के आधुनिक उपचार पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। मंगलवार, 13 अक्टूबर को आयोजित इस कार्यशाला का संचालन संस्थान के ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी विभाग तथा ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग ने एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया के दिल्ली-एनसीआर स्टेट चैप्टर के सहयोग से किया।
कार्यशाला में दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न दंत चिकित्सा महाविद्यालयों के चिकित्सकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य दंत चिकित्सकों और विद्यार्थियों को ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया की पहचान, उपचार तथा आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से अवगत कराना और उनके व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाना था।
चेहरे की नसों से जुड़े असहनीय दर्द पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी
कार्यशाला के मुख्य वक्ता फोर्टिस हॉस्पिटल, नोएडा के डायरेक्टर, इमरजेंसी मेडिसिन एंड ट्रॉमा विभाग के प्रमुख तथा पेन एंड पैलिएटिव केयर विशेषज्ञ डॉ. अनुराग अग्रवाल ने ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया से जुड़ी समस्याओं और इसके प्रभावी प्रबंधन पर विचार रखे।
उन्होंने बताया कि ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया चेहरे की नसों से संबंधित एक ऐसी स्थिति है, जिसमें मरीज को अत्यधिक तीव्र और असहनीय दर्द का सामना करना पड़ सकता है। इस बीमारी के प्रभावी प्रबंधन के लिए समय पर सही निदान और मरीज की स्थिति के अनुरूप उचित उपचार का चयन आवश्यक है।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि दंत चिकित्सकों और चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय तथा नवीनतम उपचार तकनीकों की जानकारी मरीजों को बेहतर दर्द प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक हो सकती है।
सटीक निदान और आधुनिक तकनीकों पर जोर
संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. ओमकार के. शेट्टी ने कहा कि ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया जैसी जटिल और पीड़ादायक स्थिति के प्रभावी प्रबंधन के लिए सटीक निदान, नवीनतम वैज्ञानिक जानकारी और आधुनिक उपचार तकनीकों का ज्ञान बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम दंत चिकित्सकों और विद्यार्थियों को चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास से परिचित कराने के साथ-साथ उनके नैदानिक कौशल को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सर्जिकल उपचार की भूमिका भी महत्वपूर्ण
आईटीएस डेंटल कॉलेज के ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने कहा कि ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया का समय पर निदान प्रभावी उपचार की दिशा में पहला और महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं, ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. हिमांशु भूटानी ने इस बीमारी के प्रबंधन में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ-साथ शल्य चिकित्सा से जुड़ी प्रक्रियाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।
विद्यार्थियों और चिकित्सकों के कौशल विकास पर जोर
आईटीएस एजुकेशन ग्रुप के उपाध्यक्ष सोहिल चड्ढा ने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान इस तरह के शैक्षणिक और व्यावहारिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं चिकित्सकों को उन्नत ज्ञान और कौशल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिल सकती है।
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