जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी के लिए ₹3,630.77 करोड़ की मंजूरी, फरीदाबाद से सीधा संपर्क होगा बेहतर
31.42 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, करीब 11 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड; परियोजना से NCR की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद
अनप्लग इंडिया। डेस्क
फरीदाबाद/नोएडा| जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच आसान बनाने के लिए दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना स्पर को एयरपोर्ट से जोड़ने वाली सड़क परियोजना को केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में 3,630.77 करोड़ रुपये की संशोधित लागत की मंजूरी दी थी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की लंबाई 31.42 किलोमीटर होगी।
दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम को मिलेगा लाभ
परियोजना का उद्देश्य दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से जेवर एयरपोर्ट तक तेज और सीधी सड़क कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित कॉरिडोर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ेगा। इससे NCR के विभिन्न परिवहन मार्गों के बीच संपर्क मजबूत करने की योजना है।
करीब 11 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड होगा
सरकारी जानकारी के अनुसार, परियोजना में लगभग 11 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हाईवे भी बनाया जाना है। इस हिस्से की अतिरिक्त लागत 689.24 करोड़ रुपये बताई गई है। हरियाणा सरकार ने एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए 450 करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई थी।
क्या 15 मिनट में पहुंच सकेंगे एयरपोर्ट?
इस परियोजना को लेकर तेजी से यात्रा पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक का सफर केवल 15 मिनट में पूरा होने के दावे की पुष्टि उपलब्ध आधिकारिक जानकारी से नहीं होती। वास्तविक समय दूरी, प्रवेश मार्ग, यातायात और कॉरिडोर के चालू होने पर निर्भर करेगा।
परियोजना से विकास को मिल सकती है गति
बेहतर सड़क संपर्क से फरीदाबाद, पलवल, नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को लाभ मिल सकता है। हालांकि, यात्रियों को वास्तविक सुविधा तभी मिलेगी जब संबंधित सड़क खंडों का निर्माण पूरा होकर यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।