नोएडा में दिवाली से 5 प्रतिशत आबादी के भूखंडों पर मिलेगा कब्जा, बकायेदारों से वसूली के लिए प्राधिकरण सख्त
31 अक्टूबर तक सड़कों की री-सर्फेसिंग के निर्देश, चिल्ला से महामाया फ्लाईओवर तक एलिवेटेड रोड की निविदाएं एक-दो सप्ताह में संभावित; सफाई, अवैध निर्माण और प्रदूषण नियंत्रण पर भी बड़ा एक्शन प्लान
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नोएडा। नोएडा में दिवाली और आगामी त्योहारों को देखते हुए शहर की सफाई व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत, सार्वजनिक सुविधाओं और विकास परियोजनाओं को लेकर प्राधिकरण ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 15 अक्टूबर को आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में त्योहारों से पहले सफाई, स्ट्रीट लाइट, सड़क मरम्मत, कूड़ा प्रबंधन, वायु प्रदूषण नियंत्रण और निर्माणाधीन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई।
प्राधिकरण की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी, विशेष कार्याधिकारी क्रांतिशेखर सिंह सहित अन्य अधिकारी, महाप्रबंधक, उद्यान विभाग के निदेशक और विभिन्न वर्क सर्किलों तथा जल एवं विद्युत-यांत्रिकी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
त्योहारों से पहले सफाई और रोशनी की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने निर्देश दिए कि त्योहारों से पहले सभी प्रमुख स्थलों पर साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। सड़कों की मरम्मत के साथ पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था भी की जाए। मूर्ति विसर्जन और अर्घ्य के लिए निर्धारित स्थानों पर कृत्रिम तालाब तैयार करने को कहा गया है, ताकि धार्मिक आयोजनों के दौरान लोगों को सुविधाएं मिल सकें।
बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाने के लिए सफाई कार्य में लगे ठेकेदारों के साथ बैठक करने के निर्देश भी दिए गए। शहर में अव्यवस्थित रूप से फैले कबाड़ को हटाने और अवैध रूप से सड़क किनारे कब्जा जमाने वाले विक्रेताओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया है।
घर-घर कूड़ा उठाने की व्यवस्था होगी मजबूत
शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त वाहन खरीदकर गांवों में भी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण कूड़ा संग्रहण वाहनों के बेड़े को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है।
योजना के तहत कूड़ा उठाने वाले वाहनों में 70 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन और 30 प्रतिशत सीएनजी वाहन रखने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए आकलन तैयार कर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) को परीक्षण के लिए भेजा जा चुका है।
सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी के लिए वर्क सर्किलों के अवर अभियंताओं को सुबह आठ बजे और प्रबंधकों को नौ बजे तक अपने क्षेत्र में पहुंचकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान संबंधित कर्मचारियों को अपनी लाइव लोकेशन भी साझा करनी होगी।
31 अक्टूबर तक सड़कों की री-सर्फेसिंग का लक्ष्य
वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और आगामी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) की तैयारियों के मद्देनजर प्राधिकरण ने अभी से कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सभी सड़कों की री-सर्फेसिंग का काम 31 अक्टूबर तक पूरा करने को कहा गया।
इसके अलावा, भवनों में रूफटॉप स्प्रिंकलर लगाने के लिए एडवाइजरी जारी करने तथा शहर के विभिन्न स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) प्रदर्शित करने के लिए डिस्प्ले लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन कदमों का उद्देश्य प्रदूषण की स्थिति पर निगरानी बढ़ाना और लोगों तक वायु गुणवत्ता की जानकारी पहुंचाना है।
चिल्ला से महामाया फ्लाईओवर तक एलिवेटेड रोड की निविदाएं जल्द
नोएडा की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान चिल्ला से यमुना पुस्ता तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना पर भी चर्चा हुई। प्राधिकरण के अनुसार, इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी मिल चुकी है और सैद्धांतिक स्वीकृति भी प्राप्त हो गई है। अगले एक से दो सप्ताह में परियोजना के लिए निविदाएं आमंत्रित किए जाने की संभावना है।
बैठक में भंगेल एलिवेटेड रोड के नीचे सड़क, नाली-पुलिया और सेंट्रल वर्ज से संबंधित निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि चिल्ला बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर तक निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड का काम पूरा होने के बाद उसके अंतिम छोर पर जाम की समस्या पैदा न हो। इसके लिए पहले से योजना बनाकर जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।
यमुना के समानांतर प्रस्तावित पुस्ता मार्ग की भी समीक्षा की गई। इस मार्ग का निर्माण उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा किया जाना है। प्राधिकरण को संबंधित विभाग से आवश्यक पत्राचार कर आगे की कार्रवाई तेज करने तथा मार्ग के अतिरिक्त हिस्से में हरित विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य कराने के निर्देश दिए गए।
सेक्टर-145 में दिवाली से शुरू होगी 5 प्रतिशत आबादी के भूखंडों पर कब्जे की प्रक्रिया
नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-145 में पांच प्रतिशत आबादी श्रेणी के आवंटित भूखंडों का कब्जा देने की प्रक्रिया दिवाली से शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से संबंधित आवंटियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र यानी न्यू नोएडा में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। प्राधिकरण के अनुसार, न्यू नोएडा में भूमि अर्जन के लिए दरें निर्धारित की जा चुकी हैं और पिछले सप्ताह क्षेत्र के ग्राम प्रधानों के साथ बैठक भी हुई थी। अब तक 281 काश्तकार आपसी सहमति के आधार पर अपनी भूमि देने के लिए सहमति पत्र जमा कर चुके हैं। अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक करोड़ रुपये से अधिक के बकायेदारों से एक नवंबर तक वसूली
प्राधिकरण की विभिन्न परिसंपत्तियों के संबंध में बकाया धनराशि की समीक्षा करते हुए एक करोड़ रुपये से अधिक के बकायेदारों से वसूली को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। जिन बकायेदारों का मामला किसी न्यायालय में लंबित नहीं है, उनसे एक नवंबर तक बकाया राशि वसूलने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर संबंधित बकायेदारों के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर करने, कानूनी कार्रवाई करने और रिकवरी आदेश जारी कराने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे मामलों को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को भेजने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
शौचालयों के रखरखाव और संचालन की होगी निगरानी
शहर के विभिन्न स्थानों पर बने सार्वजनिक शौचालयों और यूरिनल के रखरखाव तथा संचालन की भी समीक्षा की गई। संबंधित वरिष्ठ प्रबंधकों को प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं कि उनके कार्यक्षेत्र में सभी शौचालय और यूरिनल पूरी तरह अनुरक्षित और संचालित हैं।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि शौचालयों के संचालन के लिए नियुक्त विज्ञापन एजेंसियां केवल शौचालयों और यूरिनल के ऊपर ही विज्ञापन लगाएं। इसके साथ ही अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने तथा जब्त किए गए ठेले, खोखे और अन्य सामान रखने के लिए प्रत्येक वर्क सर्किल में एक-एक स्थान निर्धारित करने को कहा गया है।
शहर में 77 नए स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने की तैयारी
नोएडा में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्राधिकरण के अनुसार, शहर में 88 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं और इनके लिए कार्यादेश भी जारी हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त 77 अन्य स्थानों को चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार मिलने की उम्मीद है।
पार्कों में ओपन जिम और बच्चों के खेल स्थलों पर जोर
उद्यान विभाग के कार्यों की समीक्षा में पार्कों में स्थापित ओपन जिम के नियमित रखरखाव और उनकी संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा कुछ स्थानों को चिह्नित कर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत बच्चों के लिए खेल और खेलकूद सुविधाएं विकसित करने को कहा गया है।
विकास कार्यों की निविदा प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश
प्राधिकरण की समीक्षा बैठक में इंजीनियरिंग विभागों के कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, स्वीकृत आकलनों के सापेक्ष 90 प्रतिशत से अधिक कार्यों की निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अधिकारियों को शेष प्रक्रिया जल्द पूरी कराकर निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
जिन परियोजनाओं में सिविल कार्य के साथ बिजली, पानी या सीवर से संबंधित काम भी शामिल हैं, उनके लिए एकीकृत आकलन तैयार करने और संबंधित कार्यों की निगरानी के लिए जिम्मेदार अभियंता तैनात करने को कहा गया है।
अवैध निर्माण पर कार्रवाई और भूमि अधिग्रहण की समीक्षा
नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र की अधिसूचित और अधिग्रहीत भूमि पर मौजूद अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। प्रेस विज्ञप्ति में सलारपुर, भंगेल, गेझा, शाहपुर गोवर्धनपुर और हाजीपुर गांवों के कुछ खसरा नंबरों का उल्लेख करते हुए संबंधित भूमि पर बने अवैध निर्माणों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सील करने की कार्रवाई करने को कहा गया है।
निर्देशों के अनुसार, संबंधित भूमि के संबंध में उप-पंजीयक को भी सूचना भेजी जाएगी, ताकि चिह्नित खसरा नंबरों पर बने अवैध भवनों के संबंध में किसी अन्य व्यक्ति के पक्ष में पट्टा विलेख का निष्पादन न हो सके।
प्राधिकरण का जोर समयबद्ध कामकाज पर
बैठक में सफाई, सड़क मरम्मत, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं, भूमि प्रबंधन और बड़ी विकास परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर व्यापक समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरे किए जाएं और योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि त्योहारों के दौरान शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और विकास कार्यों में तेजी आए।
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