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1 नवंबर 2026 | भरोसेमंद खबरें, सीधे आपके शहर से
अंक: 01 Nov 2026
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1 नवंबर से बदल गए GST, बैंकिंग, टेलीकॉम और निवेश के नियम: अनजान कॉलर का नाम दिखेगा, कमर्शियल सिलेंडर महंगा, FASTag और पेंशन के लिए भी जरूरी बदलाव

Rinku Yadav • • 10 मिनट पढ़ें
1 नवंबर से बदल गए GST, बैंकिंग, टेलीकॉम और निवेश के नियम: अनजान कॉलर का नाम दिखेगा, कमर्शियल सिलेंडर महंगा, FASTag और पेंशन के लिए भी जरूरी बदलाव

कमर्शियल गैस सिलेंडर 17 रुपये तक महंगा, PNB क्रेडिट कार्ड से बिल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क, GST पंजीकरण में राहत, अनजान कॉलर का दिखेगा नाम और पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया शुरू

अनप्लग इंडिया। डेस्क

नई दिल्ली। नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही देश में कई वित्तीय और गैर-वित्तीय नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इनका सीधा असर आम लोगों की जेब, कारोबारियों के कामकाज, निवेशकों की बचत और पेंशनभोगियों की सुविधाओं पर पड़ने वाला है। जहां एक ओर कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 17 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है, वहीं दूसरी ओर मोबाइल पर अनजान नंबर से आने वाली कॉल करने वाले का नाम दिखाई देने की सुविधा शुरू की गई है।

इसके अलावा जीएसटी पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने, पीएनबी क्रेडिट कार्ड से बड़े यूटिलिटी बिल भुगतान पर शुल्क लगाने, म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान को डिफॉल्ट विकल्प बनाने और टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले वाहन मालिकों को लोकल FASTag पास देने जैसे बदलाव भी चर्चा में हैं।

आइए जानते हैं 1 नवंबर 2026 से लागू हुए प्रमुख बदलाव और इनका आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा।

1. जीएसटी पंजीकरण हुआ आसान, छोटे कारोबारियों को राहत

जीएसटी से जुड़े नए प्रावधानों के तहत अब कारोबारी को-वर्किंग स्पेस यानी साझा कार्यालय के पते पर भी जीएसटी पंजीकरण करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें को-वर्किंग स्पेस की सदस्यता से संबंधित दस्तावेज और ऐसा प्रमाण देना होगा, जिसमें कार्यालय का पता स्पष्ट रूप से दर्ज हो।

पते की पुष्टि के लिए बिजली बिल और हाउस टैक्स जैसे दस्तावेज भी संलग्न किए जा सकेंगे। आधार आधारित सत्यापन के बाद सामान्य परिस्थितियों में अधिकारियों की ओर से भौतिक जांच की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, धोखाधड़ी या गंभीर गड़बड़ी का संदेह होने पर जांच की जा सकेगी।

इसके साथ ही जीएसटी अपील, नोटिस में कारण स्पष्ट करने और रिफंड की प्रक्रिया को आसान बनाने से जुड़े प्रावधान भी लागू किए गए हैं।

छोटे ई-कॉमर्स कारोबारियों के लिए भी जीएसटी से जुड़ी प्रक्रियाओं में राहत की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से दूसरे राज्यों में कारोबार करने वाले छोटे विक्रेताओं के लिए प्लेटफॉर्म के गोदाम के पते के इस्तेमाल से पंजीकरण संबंधी प्रक्रिया आसान बनाई गई है।

आम आदमी और कारोबारियों पर असर: छोटे कारोबारियों को अलग-अलग जगह कार्यालय बनाने और पंजीकरण की जटिलताओं से राहत मिल सकती है। इससे कारोबार शुरू करने और दूसरे राज्यों में विस्तार करने का खर्च कम करने में मदद मिलेगी।

2. अब अनजान नंबर से कॉल आए तो दिखेगा कॉलर का नाम

मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए नवंबर का सबसे महत्वपूर्ण बदलाव कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सेवा है।

इस व्यवस्था के तहत अनजान नंबर से फोन आने पर मोबाइल स्क्रीन पर केवल नंबर ही नहीं, बल्कि कॉल करने वाले का नाम भी दिखाई देगा। यह नाम उस रिकॉर्ड के आधार पर होगा, जिससे मोबाइल कनेक्शन लिया गया है।

दूरसंचार कंपनियों को इस सेवा को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। शुरुआती चरण में यह सुविधा 4G और 5G नेटवर्क वाले फोन पर उपलब्ध होगी। बाद में इसे 2G और 3G नेटवर्क तक विस्तारित किए जाने की संभावना है।

इस सुविधा के लिए किसी थर्ड पार्टी एप को डाउनलोड करने या अलग से सदस्यता लेने की जरूरत नहीं होगी।

आम लोगों पर असर: अब अनजान कॉल की पहचान करना पहले से आसान हो सकता है। इससे फर्जी कॉल और धोखाधड़ी के मामलों से बचने में मदद मिल सकती है। हालांकि, कॉलर का नाम दिखाई देना किसी कॉल के सुरक्षित होने की गारंटी नहीं है।

3. कमर्शियल गैस सिलेंडर 17 रुपये तक महंगा

नवंबर की शुरुआत में तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 17 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। इसका असर मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और कैटरिंग कारोबार पर पड़ सकता है।

कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने से कारोबारियों की लागत बढ़ेगी। इसका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

हालांकि, राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में इस बार बदलाव नहीं किया गया है।

आम लोगों पर असर: घरेलू रसोई का गैस खर्च फिलहाल प्रभावित नहीं हुआ है, लेकिन बाहर खाना खाने और कैटरिंग सेवाओं के खर्च में बढ़ोतरी की आशंका रहेगी।

4. पीएनबी क्रेडिट कार्ड से बड़े बिल भुगतान पर लगेगा शुल्क

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने क्रेडिट कार्ड से यूटिलिटी बिल भुगतान को लेकर नया शुल्क लागू किया है।

1 नवंबर से पीएनबी क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 50 हजार रुपये से अधिक के यूटिलिटी बिल भुगतान पर एक प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा। यह शुल्क प्रति लेनदेन अधिकतम 2,000 रुपये तक होगा।

यूटिलिटी बिल में बिजली, पानी, टेलीफोन और इंटरनेट जैसे भुगतान शामिल होते हैं।

इससे पहले पीएनबी क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऐसे बिलों का भुगतान करने पर यह अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता था।

आम लोगों पर असर: जिन ग्राहकों के बिजली, टेलीफोन, इंटरनेट या अन्य यूटिलिटी बिल की राशि 50 हजार रुपये से अधिक है, उन्हें अब अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। ऐसे ग्राहकों को बिल भुगतान से पहले बैंक की नई शुल्क व्यवस्था देखनी चाहिए।

5. म्यूचुअल फंड में अब डायरेक्ट प्लान होगा डिफॉल्ट विकल्प

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। 1 नवंबर से एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर म्यूचुअल फंड का डायरेक्ट प्लान डिफॉल्ट विकल्प होगा।

यदि कोई निवेशक रेगुलर प्लान चुनना चाहता है तो उसे पहले इसके अतिरिक्त खर्च यानी एक्सपेंस रेश्यो की जानकारी दी जाएगी।

डायरेक्ट प्लान में निवेशक सीधे म्यूचुअल फंड कंपनी के माध्यम से निवेश करता है। इसमें डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन शामिल नहीं होता, इसलिए इसका खर्च आमतौर पर रेगुलर प्लान से कम रहता है।

निवेशकों पर असर: ऑनलाइन निवेश करने वालों को कम खर्च वाले विकल्प की जानकारी आसानी से मिलेगी। लंबे समय के निवेश में कम एक्सपेंस रेश्यो से निवेशकों के रिटर्न पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, डायरेक्ट प्लान चुनने से पहले निवेशकों को अपनी वित्तीय जानकारी और निवेश संबंधी जरूरतों का आकलन करना चाहिए।

6. FASTag का लोकल पास, टोल प्लाजा के आसपास रहने वालों को राहत

टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले निजी वाहन मालिकों के लिए लोकल FASTag पास की सुविधा भी महत्वपूर्ण बदलावों में शामिल है।

रिपोर्ट के अनुसार, टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र वाहन मालिकों को एक साल का लोकल पास उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए 1,500 रुपये या 3,000 रुपये की निर्धारित फीस का प्रावधान बताया गया है।

इस सुविधा का उद्देश्य आसपास के स्थानीय निवासियों को बार-बार टोल टैक्स भुगतान से राहत देना है।

वाहन मालिकों पर असर: टोल प्लाजा के नजदीक रहने वाले पात्र लोगों को रोजाना या बार-बार यात्रा के दौरान टोल भुगतान के खर्च से राहत मिल सकती है। हालांकि, पास की पात्रता और लागू शुल्क की पुष्टि संबंधित टोल अथॉरिटी से करना जरूरी होगा।

7. पेंशनभोगियों को जमा करना होगा जीवन प्रमाण पत्र

सरकारी पेंशन पाने वाले लोगों के लिए नवंबर का महीना बेहद महत्वपूर्ण है। 80 वर्ष से कम आयु के पेंशनभोगी 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 के बीच अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।

वहीं, 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के पेंशनभोगियों के लिए यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से ही शुरू हो चुकी है।

पेंशनभोगी जीवन प्रमाण पत्र दो तरीकों से जमा कर सकते हैं। पहला, अपनी पेंशन देने वाली बैंक शाखा में जाकर भौतिक रूप से प्रमाण पत्र जमा करना और दूसरा, जीवन प्रमाण सुविधा के माध्यम से आधार आधारित सत्यापन तथा फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करके डिजिटल रूप से प्रमाण पत्र जमा करना।

पेंशनभोगियों पर असर: समय पर जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं करने पर पेंशन भुगतान प्रभावित हो सकता है। इसलिए पात्र पेंशनभोगियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।

8. सावरेन गोल्ड बॉन्ड निवेशकों को समय से पहले निकासी का मौका

सावरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश करने वालों के लिए भी नवंबर में महत्वपूर्ण अवसर है। कुछ पुरानी सीरीज के निवेशकों को निर्धारित तारीखों पर समय से पहले रिडेम्पशन यानी निवेश से निकासी का विकल्प मिलेगा।

रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में निकासी की प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं:

  • 2 नवंबर: 2020-21 सीरीज-7
  • 18 नवंबर: 2020-21 सीरीज-8
  • 19 नवंबर: 2020-21 सीरीज-2
  • 25 नवंबर: 2021-22 सीरीज-1

निवेशकों पर असर: जिन निवेशकों की बॉन्ड सीरीज इन तारीखों के अनुरूप है, वे निर्धारित शर्तों के अनुसार समय से पहले निवेश भुनाने पर विचार कर सकते हैं।

9. नौ नवंबर से कैंसर की 137 दवाएं हो सकती हैं सस्ती

कैंसर के मरीजों और उनके परिवारों के लिए राहत की खबर भी सामने आई है। सरकार ने 137 गैर-अनुसूचित कैंसररोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन अधिकतम 30 प्रतिशत निर्धारित किया है।

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) के इस फैसले का उद्देश्य कैंसर की दवाओं की कीमतों को कम करना है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नई व्यवस्था 9 नवंबर 2026 से लागू होगी। मौजूदा मूल्य संरचना के आधार पर कुछ दवाओं की खुदरा कीमतों में 70 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद जताई गई है।

मरीज दवाओं की नई कीमतों की जानकारी एनपीपीए की वेबसाइट और ‘फार्मा सही दाम’ मोबाइल एप के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे।

मरीजों पर असर: कैंसर के इलाज पर होने वाला खर्च कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सभी 137 दवाओं की कीमतों में समान रूप से 70 प्रतिशत की कटौती नहीं होगी।

क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?

नवंबर के पहले दिन लागू हुए बदलावों का असर अलग-अलग वर्गों पर पड़ेगा। एक नजर में समझिए:

महंगा या अतिरिक्त खर्च

  • कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 17 रुपये तक महंगा।
  • पीएनबी क्रेडिट कार्ड से 50 हजार रुपये से अधिक के यूटिलिटी बिल भुगतान पर एक प्रतिशत शुल्क।
  • रेगुलर म्यूचुअल फंड प्लान चुनने पर अतिरिक्त खर्च की जानकारी और चेतावनी।

राहत और नई सुविधाएं

  • घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बदलाव नहीं।
  • को-वर्किंग स्पेस के पते पर जीएसटी पंजीकरण की सुविधा।
  • अनजान कॉल करने वाले का नाम दिखाई देने की सुविधा।
  • पात्र स्थानीय वाहन मालिकों के लिए FASTag लोकल पास।
  • म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान डिफॉल्ट विकल्प।
  • कैंसर की 137 दवाओं की कीमतों में 9 नवंबर से कमी की संभावना।
  • पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा।

कुल मिलाकर, 1 नवंबर से लागू हुए ये बदलाव कारोबार, बैंकिंग, निवेश, मोबाइल सेवाओं और आम घरेलू बजट से जुड़े हैं। कुछ फैसलों से लोगों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है, जबकि कई नई सुविधाएं प्रक्रियाओं को आसान बनाने और बचत बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

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