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अमित शाह का राहुल गांधी पर तंज- नकली संसद में ही प्रधानमंत्री बन जाते, सोनिया गांधी को मिल जाती शांति
हैदराबाद में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च के दौरान गृह मंत्री ने कांग्रेस को घेरा; SIR, EVM, घुसपैठ और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विपक्ष पर साधा निशाना
अनप्लग इंडिया। डेस्क
हैदराबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को हैदराबाद में आयोजित भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च में हिस्सा लिया और जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दिल्ली में आयोजित मॉक पार्लियामेंट को लेकर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को उसी नकली संसद में प्रधानमंत्री बन जाना चाहिए था। इससे सोनिया गांधी के दिल को भी शांति मिल जाती। शाह ने कहा कि असली संसद में राहुल गांधी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे।
यह मार्च विपक्षी दलों की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध के जवाब में भाजपा के देशव्यापी अभियान का हिस्सा है। भाजपा इस अभियान के जरिए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के आरोपों का जवाब दे रही है।
SIR के विरोध पर कांग्रेस को घेरा, घुसपैठियों को लेकर बड़ा दावा
अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR का विरोध करके मतदाता सूची से बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाने की प्रक्रिया को रोकना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि घुसपैठिए कांग्रेस का वोट बैंक हैं और भाजपा मतदाता सूची से ऐसे नाम हटाने के लिए प्रतिबद्ध है।
शाह ने कहा कि राहुल गांधी जितना विरोध करना चाहें कर लें, भाजपा एक-एक घुसपैठिए को देश और मतदाता सूची से बाहर करने का काम करेगी। उन्होंने करीब तीन करोड़ बांग्लादेशी घुसपैठियों के वोट होने का दावा भी किया।
बोले- 2014 और 2019 में भी बिना SIR के जीती थी भाजपा
SIR के जरिए चुनाव जीतने के विपक्ष के आरोपों पर गृह मंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव भी जीते थे, तब SIR नहीं हुआ था।
शाह ने कहा कि 2024 में भी भाजपा को जीत मिली और इसके बाद महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में भी पार्टी ने चुनावी सफलता हासिल की। उन्होंने तेलंगाना में भी भाजपा की जीत का भरोसा जताया।
राहुल गांधी पर बोले- चुनाव के बाद विदेश चले जाते हैं
अमित शाह ने राहुल गांधी की राजनीतिक गतिविधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी चुनाव के बाद विदेश चले जाते हैं, जबकि राजनीति में जनता के बीच रहकर काम करना पड़ता है।
शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हाथ में संविधान लेकर चलते हैं, लेकिन उसका सम्मान नहीं करते। उन्होंने कहा कि EVM, SIR और घुसपैठियों के मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बचता है और अराजकता के जरिए सुर्खियों में बने रहना चाहता है।
EVM पर विपक्ष के आरोपों का दिया जवाब
गृह मंत्री ने चुनावी हार के बाद EVM पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष चुनाव जीतता है तो इसका श्रेय जनता को देता है, लेकिन हारने पर EVM को जिम्मेदार ठहराता है।
शाह ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और केरल तथा हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकारों का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि अगर EVM में गड़बड़ी है तो इन राज्यों में कांग्रेस कैसे जीती?
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अपनी हार का कारण तलाशने के बजाय चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाती है।
मोदी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कांग्रेस पर पलटवार
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की तुलना करते हुए कांग्रेस के पिछले कार्यकाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के 10 वर्षों में 12 लाख करोड़ रुपये के घोटाले हुए।
इसके विपरीत शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल में उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप साबित नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाकर और गलत जानकारी फैलाकर चुनाव नहीं जीते जा सकते।
भाजपा के अभियान के पीछे SIR और चुनावी आरोपों का मुद्दा
भाजपा देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चला रही है। अभियान का पहला चरण 22 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक निर्धारित है। पार्टी इस अभियान के जरिए SIR का समर्थन कर रही है और विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे वोट चोरी तथा चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों का जवाब दे रही है।
भाजपा का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को दुरुस्त करना और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करना है। पार्टी विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का आरोप भी लगा रही है।
दिल्ली में INDIA ब्लॉक की रैली के जवाब में भाजपा का मार्च
दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की SIR विरोधी रैली के बाद भाजपा ने रविवार को दिल्ली समेत कई जगहों पर ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च निकाला था। दिल्ली में हरि नगर से तिलक नगर तक करीब एक किलोमीटर का मार्च आयोजित किया गया।
इसमें 1984 के सिख विरोधी दंगों से प्रभावित परिवारों और सिख समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने SIR के विरोध में रैली के लिए 1 नवंबर की तारीख जानबूझकर चुनी, क्योंकि इसी दिन 1984 में सिख विरोधी हिंसा हुई थी।
SIR का विरोध सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष का विरोध अब अदालत तक भी पहुंच चुका है। खबर के मुताबिक, 12 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल और वाम दलों सहित विपक्षी नेताओं ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था।
इसी दिन 12 दलों के 13 नेताओं ने SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस मुद्दे पर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार जारी है।
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