गोमती का जलस्तर बढ़ा, लखनऊ का रिवर फ्रंट बंद: पाथ-वे पर भरा पानी; बैराज के सभी 10 गेट खोले गए
गोमती का पानी सामान्य से करीब 2 मीटर ऊपर, पाथ-वे पर जलभराव के बाद पर्यटकों की एंट्री रोकी गई, बैराज के सभी 10 गेट खोले गए, 48 नाले भी बंद किए गए
अनप्लग इंडिया। डेस्क
लखनऊ। गोमती नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। नदी का पानी बढ़ने से रिवर फ्रंट के दोनों ओर बने पाथ-वे और आसपास के हिस्सों में जलभराव हो गया है। एहतियात के तौर पर टिकट की बिक्री रोक दी गई है और पर्यटकों की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई है।
एलडीए के मुताबिक, 2 अक्टूबर से रिवर फ्रंट के LHS और RHS दोनों हिस्सों में पानी भरने लगा था। अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। रिवर फ्रंट को दोबारा खोलने का फैसला नदी का जलस्तर और मौके की स्थिति सामान्य होने के बाद लिया जाएगा।
गोमती का पानी सामान्य से करीब 2 मीटर ऊपर
गऊ घाट पर गोमती का जलस्तर 107.59 मीटर दर्ज किया गया है। सामान्य दिनों में यहां जलस्तर करीब 105.6 से 105.7 मीटर रहता है। यानी नदी का पानी सामान्य स्तर से करीब 2 मीटर ऊपर है। इससे पहले 28 सितंबर को गऊ घाट पर जलस्तर 108.20 मीटर तक पहुंच गया था। फिलहाल जलस्तर स्थिर बताया जा रहा है।
बैराज के सभी 10 गेट खोले, तेज हुई पानी की रफ्तार
बाढ़ की आशंका को देखते हुए गोमती बैराज के सभी 10 गेट खोल दिए गए हैं। बैराज पर जलस्तर 106.40 मीटर बनाए रखने की कोशिश की जा रही है, ताकि नदी में पानी की निकासी तेज हो और शहर के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा कम किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, बैराज के गेट खुलने के बाद नदी में पानी की रफ्तार करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई है। सामान्य दिनों में यह रफ्तार करीब 1 किलोमीटर प्रति घंटे रहती है।
ऊपरी जिलों से गोमती में पहुंच रहा पानी
सिंचाई विभाग के अनुसार, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और सीतापुर समेत ऊपरी इलाकों से पानी गोमती में आ रहा है। इसके अलावा बेहटा, श्रावण सहित कई छोटे-बड़े नालों का पानी भी नदी में पहुंच रहा है। अधिकारियों ने बताया कि ऊपरी जिलों में हुई बारिश के कारण नदी में पानी का दबाव बढ़ा है। सीतापुर-लखनऊ सीमा के भटपुरवा में पिछले दो दिनों से जलस्तर स्थिर बताया जा रहा है। यदि आगे भी पानी का दबाव कम रहा तो सोमवार से गोमती का जलस्तर धीरे-धीरे नीचे आने की उम्मीद है।
48 बड़े नालों को किया गया बंद
गोमती में पानी बढ़ने के बाद शहर के 48 बड़े नालों को बंद कर दिया गया है। इन नालों के जरिए शहर का बारिश और गंदा पानी नदी में जाता है। अधिकारियों के मुताबिक, नदी का जलस्तर अधिक होने पर खुले नालों से पानी वापस शहर की ओर आने का खतरा रहता है।
109.50 मीटर है खतरे का निशान
गोमती नदी के लिए खतरे का निशान 109.50 मीटर निर्धारित है। फिलहाल गऊ घाट पर जलस्तर इससे नीचे है। सिंचाई विभाग का कहना है कि यदि लखीमपुर खीरी, सीतापुर और अन्य ऊपरी जिलों से पानी की आवक कम होती है तो नदी का जलस्तर घट सकता है।