पुष्पा देवी की मौत मामले में कार्रवाई के आदेश, 2-3 दिन में जांच के बाद FIR की बात
CMO कार्यालय के बाहर बजरंगदल का धरना, परिजनों ने रामा अस्पताल और संबंधित डॉक्टरों पर चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नोएडा। स्वर्गीय श्रीमती पुष्पा देवी की मृत्यु के मामले में न्याय की मांग को लेकर सोमवार को बजरंगदल नोएडा महानगर के नेतृत्व में CMO कार्यालय, गौतमबुद्ध नगर के बाहर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का संयोजन बजरंगदल के जिला संयोजक विनोद चौहान ने किया। इस दौरान नोएडा महानगर अध्यक्ष अनिल चतुर्वेदी, मंत्री दिनेश महावर, सह संयोजक विनोद सिंह, नितेश शर्मा, प्रवीण राठौर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने रामा अस्पताल और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ निष्पक्ष जांच तथा जांच में दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्रवाई की मांग प्रशासन के सामने रखी। परिजनों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उपचार के दौरान पुष्पा देवी की हुई मृत्यु के मामले में चिकित्सकीय लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
धरने के दौरान मौके पर मौजूद ACP-1 परवीन कुमार और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ CMO नोएडा डॉ. मंदन मोहन त्रिपाठी ने प्रदर्शनकारियों और परिजनों की बात सुनी। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
2-3 दिन में कार्रवाई का आश्वासन
प्रशासन की ओर से परिजनों और प्रदर्शनकारियों को बताया गया कि अगले 2-3 दिनों के भीतर रामा अस्पताल के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जांच में यदि चिकित्सकों की जिम्मेदारी सामने आती है तो उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की ओर से संबंधित चिकित्सकों के लाइसेंस और मेडिकल रजिस्ट्रेशन के संबंध में भी जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई।
‘अस्पताल को बदनाम करना उद्देश्य नहीं’
बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति, संस्था या अस्पताल को बदनाम करने के उद्देश्य से नहीं है। उनका उद्देश्य स्वर्गीय पुष्पा देवी को न्याय दिलाना और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित कराना है।
परिजनों ने प्रशासन से मांग की कि मामले में किसी भी प्रकार के दबाव या पक्षपात के बिना जांच की जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
परिजनों और बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के आश्वासन का सम्मान करते हुए कहा कि वे निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई होने की प्रतीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि तय समय में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है तो लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की लड़ाई आगे भी जारी रखी जाएगी।
ये हैं प्रमुख मांगें
- रामा अस्पताल के खिलाफ जांच के आधार पर कड़ी और नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- जांच में दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
- संबंधित चिकित्सकों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए।
- दोष सिद्ध होने पर डॉक्टरों के लाइसेंस/मेडिकल रजिस्ट्रेशन पर नियमानुसार कार्रवाई हो।
- पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए।
- पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन का निर्धारित समय में पालन किया जाए।
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