विमान संकट में बहादुरी दिखाने वाले कैप्टन स्मित मच्छर को 21 लाख रुपये देंगे मोरारी बापू
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में को-पायलट के हमले के बावजूद नहीं मानी हार, घायल हालत में कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों को बचाने में निभाई अहम भूमिका
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में जानलेवा संकट के दौरान अदम्य साहस दिखाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर को प्रसिद्ध रामकथाकार मोरारी बापू ने 21 लाख रुपये देने की घोषणा की है। यह राशि उन्हें हनुमान प्रसाद के रूप में दी जाएगी।
गुजरात मूल के कैप्टन स्मित मच्छर उस समय फ्लाईदुबई की उड़ान के कैप्टन थे, जब विमान के कॉकपिट में उनके को-पायलट ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया। हमले में स्मित घायल हो गए, लेकिन गंभीर स्थिति के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी।
रिपोर्टों के मुताबिक, विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
संकट के बीच पढ़ रहे थे हनुमान चालीसा
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कैप्टन स्मित ने मानसिक मजबूती बनाए रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि संकट के समय वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित के साहस, सूझबूझ और संयम की जमकर सराहना की। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, स्मित ने बताया कि करीब 17 वर्षों के उड़ान अनुभव के कारण उन्हें अंदाजा हो गया था कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है। घायल और मुश्किल स्थिति में होने के बावजूद उन्होंने यात्रियों को बचाने के लिए कॉकपिट का दरवाजा खोलने की अंतिम कोशिश की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कैप्टन स्मित की बहादुरी ने न केवल यात्रियों की जान बचाने में मदद की, बल्कि दुनिया भर में भारतीय पायलटों की प्रतिष्ठा को भी गौरवान्वित किया है। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित भावुक भी हो गए।
मोरारी बापू ने 21 लाख रुपये को बताया हनुमान प्रसाद
कैप्टन स्मित की बहादुरी और संकट के समय उनके विश्वास से प्रभावित होकर मोरारी बापू ने उन्हें 21 लाख रुपये हनुमान प्रसाद के रूप में अर्पित करने की घोषणा की।
मोरारी बापू की ओर से कहा गया कि जिस साहस और सूझबूझ के साथ कैप्टन स्मित ने कठिन परिस्थिति में यात्रियों की जान बचाने में भूमिका निभाई, वह सराहनीय है।
कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दौरान यह भी बताया कि वह रोज अपने दो वर्षीय बेटे के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार और माता-पिता की भी सराहना की।
भारतीय पायलट की बहादुरी की दुनिया भर में चर्चा
घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई लोगों ने उनके साहस की प्रशंसा की।
कैप्टन स्मित का यह साहस ऐसे समय सामने आया जब विमान के भीतर कुछ ही क्षणों में बड़ी त्रासदी हो सकती थी। घायल होने के बावजूद उन्होंने स्थिति से मुकाबला किया और यात्रियों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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