देश के कई हिस्सों में फिर बदला मौसम, यूपी में बाढ़ से हालात गंभीर
उत्तर भारत से मध्य और पूर्वी भारत तक बारिश-आंधी का दौर, पहाड़ों में बारिश के साथ बर्फबारी और ओलावृष्टि, कई इलाकों में फसल व जनजीवन प्रभावित
अनीता यादव -अनप्लग इंडिया। डेस्क
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम का मिजाज सामान्य नहीं हुआ है। उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी राज्यों तक अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का दौर बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग ने 7 और 8 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली-हरियाणा-पंजाब समेत कई क्षेत्रों में आंधी, बिजली और गरज-चमक को लेकर चेतावनी जारी की है।
उत्तर प्रदेश में पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। वहीं लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र में बाढ़ के पानी के तेज बहाव में छह युवकों के बहने की घटना सामने आई, जिनमें एक की मौत हो गई जबकि पांच को बचा लिया गया। उन्नाव में दीवार गिरने से एक महिला की मौत की भी सूचना है।
यूपी में नदियां उफान पर, कई इलाकों में बाढ़
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर ने परेशानी बढ़ाई है। लखनऊ, सीतापुर और गोंडा समेत कई जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। गोंडा के कुछ गांवों में पानी भरा हुआ है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 और 8 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। इसके बाद अगले दिनों में चेतावनी की स्थिति में कमी आने का अनुमान है।
उत्तराखंड में बारिश के साथ ओले और बर्फबारी
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में मौसम ने करवट ली है। कई स्थानों पर बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी देखने को मिली। चमोली, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और नैनीताल जैसे इलाकों में मौसम सक्रिय बना हुआ है।
IMD ने उत्तराखंड में 7 से 9 अक्टूबर तक गरज-चमक और बिजली के साथ खराब मौसम की चेतावनी जारी की है।
हरियाणा-पंजाब में भी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में भी मौसम बदला हुआ है। पंचकूला समेत कुछ क्षेत्रों में ओले गिरने की सूचना है, जबकि यमुनानगर में बारिश के कारण खुले में रखी धान की फसल प्रभावित हुई।
मौसम विभाग ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 7 और 8 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। पंजाब में यह चेतावनी 10 अक्टूबर तक जारी रहने का अनुमान है।
बिहार में बाढ़ का असर बरकरार
बिहार के कई जिलों में बारिश और बाढ़ की स्थिति अभी भी चुनौती बनी हुई है। गंगा और गंडक जैसी नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण निचले इलाकों में पानी पहुंचा है। कई गांवों में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मध्य प्रदेश में अगले दिनों में बारिश की संभावना
मध्य प्रदेश में मानसून की वापसी के बावजूद कुछ मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश का दौर बना हुआ है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बादल और रुक-रुककर बारिश देखने को मिल रही है। कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश का अनुमान है।
झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी बदलेगा मौसम
झारखंड में रांची समेत कई जिलों में बारिश, मेघ गर्जन और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
छत्तीसगढ़ में भी कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। मौसम में अचानक बदलाव से स्थानीय स्तर पर पेड़ गिरने, बिजली व्यवस्था प्रभावित होने और यातायात में परेशानी की स्थिति बन सकती है।
हिमाचल में बारिश के साथ तापमान गिरने के संकेत
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के बाद तापमान में गिरावट के संकेत हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना के चलते ठंड बढ़ सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम की स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
तमिलनाडु समेत दक्षिण के कुछ राज्यों में भी बारिश
मौसम का असर केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं है। IMD के 7 अक्टूबर के पूर्वानुमान में तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी गरज-चमक के साथ बारिश तथा अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की संभावना दर्ज की गई है।
राजस्थान में फिलहाल राहत, आगे बदल सकता है मौसम
राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, 10 से 12 अक्टूबर के आसपास पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कुछ उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में बादल और हल्की बारिश की संभावना बन सकती है।
देशभर में क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अक्टूबर में मानसून की वापसी के बावजूद अलग-अलग मौसमी प्रणालियां सक्रिय रहने से कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। IMD लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए चेतावनियां जारी कर रहा है।
किसानों और आम लोगों के लिए सावधानी जरूरी
बारिश और तेज हवाओं का असर खेती, खुले में रखी फसल, यातायात और बिजली आपूर्ति पर पड़ सकता है। किसानों को खुले में रखी उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने और लोगों को आंधी-तूफान के दौरान पेड़, बिजली के खंभों तथा कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
कुल मिलाकर, अक्टूबर की शुरुआत में मानसून की विदाई के बावजूद देश के कई हिस्सों में मौसम अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। उत्तर भारत में बाढ़ और बारिश की चुनौती बनी हुई है, जबकि पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में गरज-चमक व तेज हवाओं का दौर देखने को मिल रहा है।
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