ब्रेकिंग
दिल्ली में अभिजीत दीपके और नेहा बोरा हिरासत में, तिरंगा रैली से पहले पुलिस की कार्रवाई; ममता बनर्जी बोलीं- यह अघोषित आपातकाल
कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली का था आयोजन, धारा 163 लागू होने के चलते पुलिस ने रोका; छह दिन में दूसरी बार हिरासत में लिए गए CJP संस्थापक दीपके
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में तिरंगा रैली को लेकर शुक्रवार को सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। CJP ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली आयोजित करने का आह्वान किया था। हालांकि, इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू होने के कारण पुलिस ने रैली स्थल की ओर जाने से रोका।
इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे अघोषित आपातकाल जैसा बताते हुए सरकार पर असहमति की आवाजों को दबाने का आरोप लगाया।
घर से निकलते ही दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके दिल्ली में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के एक प्रवक्ता के आवास पर ठहरे हुए थे। शुक्रवार को जैसे ही वह वहां से बाहर निकले, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वहीं, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को मंडी हाउस इलाके से हिरासत में लिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, दीपके और पुलिस के बीच बहस भी हुई। इस दौरान उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा, “आप अपनी मर्जी से जो मन में आ रहा है, वही लिख रहे हैं। यह बेतुका है। फांसी पर चढ़ा दो ना, क्या मजाक है ये?”
छह दिन में दूसरी बार हिरासत में आए दीपके
अभिजीत दीपके को छह दिनों के भीतर दूसरी बार पुलिस हिरासत का सामना करना पड़ा है। इससे पहले 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले उन्हें विमान से हिरासत में लिया गया था। अगले दिन उन्हें छोड़ दिया गया था।
इस बार CJP ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली आयोजित करने की घोषणा की थी। पार्टी का आरोप है कि दीपके को केवल इसलिए हिरासत में लिया गया, क्योंकि वह राष्ट्रीय ध्वज लेकर निर्धारित स्थान की ओर जा रहे थे।
CJP का आरोप- शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आवाज से डर रहा प्रशासन
कॉकरोच जनता पार्टी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहे व्यक्ति को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पार्टी के अनुसार, प्रशासन को अव्यवस्था से नहीं, बल्कि आम नागरिकों के हाथों में तिरंगे की शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ताकत से डर है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
ममता बनर्जी ने बताया अघोषित आपातकाल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभिजीत दीपके की हिरासत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें भारतीय राष्ट्रीय ध्वज हाथ में रखने के लिए हिरासत में लिया गया है।
ममता बनर्जी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में युवाओं को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का शांतिपूर्ण तरीके से इस्तेमाल करने पर हिरासत में लिया जाना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने इस स्थिति को अघोषित आपातकाल जैसा बताते हुए आरोप लगाया कि असहमति से डरने वाली सरकार पूरी पीढ़ी को चुप कराने की कोशिश कर रही है।
जंतर-मंतर के बाहर प्रदर्शन, ड्रोन से निगरानी
घटनाक्रम के बीच AISA समर्थकों ने जंतर-मंतर के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, दिल्ली पुलिस द्वारा ड्रोन के जरिए प्रदर्शन की निगरानी किए जाने की भी खबर सामने आई। एक महिला प्रदर्शनकारी ने पुलिस पर उसे घसीटने का आरोप लगाया है।
तिरंगा रैली को लेकर हुई इस कार्रवाई ने राजधानी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन, लोकतांत्रिक अधिकारों और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज कर दी है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार दीपके और बोरा को हिरासत में लिए जाने की परिस्थितियों तथा आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
यह भी पढ़ें