माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का अस्थाई आदेश ना देना दर्शाता है कि यह एक तरफा मामला नहीं है: हर्ष मल्होत्रा
चुनाव आयोग विरोधी आंदोलन के खल-नायक संविधान या न्यायपालिका पर विश्वास नहीं रखते हैं, अगर रखते तो इस आंदोलन के कम्युनिस्ट नेतृत्व को माननीय सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई शुरू होते ही आंदोलन को स्थगित करना चाहिए था: हर्ष मल्होत्रा
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नई दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष श्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा है कि आज माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के निलंबन की मांग को लेकर डाली गई याचिका पर प्रारम्भिक सुनवाई के बाद सभी सम्बंधित पक्षों को नोटिस देते हुए अस्थाई निलंबन आदेश देने से इंकार करने के बाद भी विपक्षी दलों द्वारा आंदोलन जारी रखना दर्शाता है कि अधिकांश विपक्षी दल आराजक हैं और उन्हे ना चुनाव आयोग पर भरोसा है और ना ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय पर विश्वास है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के विरूद्ध अस्थाई निलंबन आदेश देने से इंकार से यह स्पष्ट है कि यह मामला कोई एक तरफा मामला नहीं है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि चाहें जुलाई का सी.जे.पी. आंदोलन हो या आजकल का चुनाव आयोग विरोधी आंदोलन, अगर इस आंदोलन के खल-नायक संविधान या न्यायपालिका पर विश्वास रखते, तो इस आंदोलन के कम्युनिस्ट नेतृत्व को माननीय सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई शुरू होते ही आंदोलन को स्थगित करना चाहिए था।
श्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा है कि हारे हताश विपक्षी दल इस आंदोलन को लम्बा खींचना चाहते हैं ताकि इसकी आड़ में 2027 के प्रारम्भ में होने वाले 5 राज्यों के चुनाव को प्रभावित कर सकें।
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