एमिटी विद्यालय समूह की चेयरपरसन डॉ. अमिता चौहान को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
विज्ञान को लोकप्रिय बनाने, छात्रों में वैज्ञानिक जिज्ञासा और नवाचार को बढ़ावा देने में योगदान के लिए मिला सम्मान
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नोएडा, 6 अक्टूबर। युवा पीढ़ी में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एमिटी विद्यालय समूह की चेयरपरसन डॉ. अमिता चौहान को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स (IAPT-RC1) और एमिटी चिल्ड्रेन साइंस फाउंडेशन की ओर से दिया गया।
डॉ. अमिता चौहान को यह सम्मान 40वें इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स के राष्ट्रीय वार्षिक कनवेंशन के समापन समारोह में प्रदान किया गया। उन्हें यह पुरस्कार प्रख्यात वैज्ञानिक एवं आईआईटी कानपुर के पूर्व प्रोफेसर एचसी वर्मा, दिल्ली शिक्षा मंत्रालय के एडिशनल डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन प्रो. केएस उपाध्याय और IAPT के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. पीके अहलूवालिया ने प्रदान किया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. अमिता चौहान ने कहा कि युवा पीढ़ी में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा पैदा करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि छात्रों की सफलता में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है और उन्हें सही दिशा एवं मार्गदर्शन देना आवश्यक है। एमिटी में छात्रों को केवल कक्षा में विज्ञान पढ़ने तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें अनुसंधान और नवाचार के लिए भी प्रेरित किया जाता है, जिससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हो।
उन्होंने बताया कि एमिटी विद्यालय के विभिन्न छात्र अब तक करीब 230 पेटेंट फाइल कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने छात्रों की विभिन्न उपलब्धियों की भी जानकारी दी।
विज्ञान शिक्षा में नवाचार पर जोर
दिल्ली शिक्षा मंत्रालय के एडिशनल डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन प्रो. केएस उपाध्याय ने कहा कि स्कूलों के छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान की क्षमता तेजी से विकसित हो रही है। उन्होंने भौतिकी को ऐसा महत्वपूर्ण विषय बताया, जिसका प्रभाव पाठ्यक्रम के साथ-साथ दैनिक जीवन में भी दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना सिखाना चाहिए, इसके बाद सफलता का रास्ता वे स्वयं चुन सकते हैं।
IAPT के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. पीके अहलूवालिया ने कहा कि चार दिवसीय राष्ट्रीय वार्षिक कनवेंशन में विचारों के आदान-प्रदान के साथ अनुसंधान और नवाचार में हो रही प्रगति को समझने का अवसर मिला। उन्होंने डॉ. अमिता चौहान के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि एमिटी स्कूलों में अनुभव आधारित विज्ञान शिक्षा, नवाचार और वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा देने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता भी हुए सम्मानित
समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता छात्रों और शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। पंजाब विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. अरुण ग्रोवर को IAPT रेनबो इंटरनेशनल फिजिक्स एक्सीलेंस अवॉर्ड प्रदान किया गया।
नेशनल कॉम्पिटिशन फॉर एस्से राइटिंग इन फिजिक्स में छात्र वर्ग में जीएलए मथुरा की वैष्णवी शर्मा को पुरस्कृत किया गया, जबकि बरेली कॉलेज की अदिति शर्मा को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया। शिक्षक वर्ग में दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू साउथ कैंपस की डॉ. सीमा वत्स को सम्मानित किया गया।
इसके अलावा नेशनल कॉम्पिटिशन इन इनोवेटिव एक्सपीरियंसेज इन फिजिक्स, बेस्ट पोस्टर प्रस्तुति और बेस्ट ओरल प्रस्तुति के विजेताओं को भी पुरस्कार प्रदान किए गए।
वैज्ञानिक सोच विकसित करना लक्ष्य
नेशनल अन्वेषिका एक्सपेरिमेंटल स्किल टेस्ट के विजेता छात्र वैभव ने कहा कि शिक्षा सोपान की मदद से उनके अंदर भौतिकी को देखने का नया नजरिया विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के अलावा जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में भी भौतिकी के सिद्धांतों को समझा जा सकता है।
एमिटी चिल्ड्रेन साइंस फाउंडेशन के प्रमुख डॉ. ललित मित्तल ने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक सोच और ज्ञान को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से छात्रों में वैज्ञानिक समझ विकसित करने, साइंस और इंजीनियरिंग रिसर्च एवं शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और विश्वस्तरीय कार्यबल तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
कार्यक्रम में IAPT की सचिव प्रो. रेखा घोरपडे, प्रो. सुरजन सिंह, IAPT-RC1 के अध्यक्ष सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
IAPT का उद्देश्य विभिन्न स्तरों पर भौतिकी की शिक्षा और भौतिकी शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार करना है। संगठन में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधकर्ता, विज्ञान प्रशासक तथा विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग शामिल हैं। संगठन ने जमीनी स्तर पर काम करने के लिए देश को 20 क्षेत्रों में बांटा है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष कार्यकारी परिषद विभिन्न प्रयासों का समन्वय और मार्गदर्शन करती है।
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