एमिटी विश्वविद्यालय में भव्य ‘दिवाली मेले’ का आयोजन: रंग-बिरंगी सजावट, दुर्गा उत्सव और डांडिया के संगम ने बांधा समां
न्यूज़रूम डेस्क
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मेले को और अधिक जीवंत बनाने के लिए परिसर में 90 से अधिक विभिन्न प्रकार के स्टॉल्स लगाए गए थे। इनमें छात्रों और हस्तशिल्पकारों द्वारा तैयार किए गए सजावटी सामान, गिफ्ट आइटम्स, पारंपरिक उत्पाद और खूबसूरत हस्तशिल्प शामिल थे
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नोएडा | नोएडा के एमिटी विश्वविद्यालय में दीपावली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में एक बेहद भव्य और उत्साहपूर्ण ‘दिवाली मेले’ का आयोजन किया गया। इस उत्सव के दौरान पूरा विश्वविद्यालय परिसर रोशनी, उमंग और उल्लास के माहौल में सराबोर नजर आया। पारंपरिक परिधानों में सजे छात्रों, आकर्षक सजावट और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम को बेहद खास बना दिया।
इस भव्य दिवाली मेले का आधिकारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. पूजा चौहान (चेयरपर्सन, एमिटी ह्यूमिनिटी फाउंडेशन एवं एमिटी स्कूल ऑफ फिल्म एंड ड्रामा) और डॉ. संजीव बंसल (एडिशनल प्रो वाइस चांसलर, एमिटी विश्वविद्यालय) द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
90 से अधिक स्टॉल्स और खेल गतिविधियों का आकर्षण
मेले को और अधिक जीवंत बनाने के लिए परिसर में 90 से अधिक विभिन्न प्रकार के स्टॉल्स लगाए गए थे। इनमें छात्रों और हस्तशिल्पकारों द्वारा तैयार किए गए सजावटी सामान, गिफ्ट आइटम्स, पारंपरिक उत्पाद और खूबसूरत हस्तशिल्प शामिल थे। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजनों के फूड स्टॉल्स और मनोरंजक खेलों (Games) की गतिविधियों ने वहां मौजूद लोगों का मन मोह लिया।
युवाओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना मुख्य उद्देश्य
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए डॉ. पूजा चौहान ने कहा:
“इस मेले का मुख्य उद्देश्य हमारे विद्यार्थियों और एमिटी समुदाय को भारतीय संस्कृति व परंपराओं से जोड़ना है। यह आयोजन आपसी सहयोग, रचनात्मकता और सामुदायिक भावना को प्रोत्साहित करता है। एमिटी परिवार में यह त्योहार संदेश देता है कि चाहे कितनी भी कठिनाइयां क्यों न हों, सत्य और अच्छाई की ही हमेशा जीत होती है।”
विश्वविद्यालय के एडिशनल प्रो वाइस चांसलर डॉ. संजीव बंसल ने सांस्कृतिक धरोहरों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एमिटी में हमेशा छात्रों को भिन्न-भिन्न संस्कृतियों को समझने और उनका आनंद लेने का अवसर प्रदान किया जाता है। त्योहार हमें अपनी जड़ों और अनूठे रीति-रिवाजों को प्रदर्शित करने का एक बेहतरीन मंच देते हैं।
‘दुर्गा उत्सव’ और गरबा-डांडिया का अद्भुत संगम
दिवाली मेले के साथ-साथ परिसर में सांस्कृतिक भावना के अनुरूप, नवरात्रि को “दुर्गा उत्सव” के रूप में बेहद धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान पश्चिम बंगाल की पारंपरिक रीतियों के अनुसार पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जीवंत गरबा और डांडिया नाइट रहा, जिसमें ढोल की थाप और पारंपरिक संगीत पर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने जमकर नृत्य किया और उत्सव का आनंद लिया।
इस विशेष उत्सव के अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय के ग्रुप वाइस चांसलर डॉ. गुरिंदर सिंह, हॉस्टल की महानिदेशक डॉ. छाया चोरडिया और कार्यकारी डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) डॉ. लक्ष्मी अहूजा सहित कई वरिष्ठ फैकल्टी मेंबर्स और हजारों की संख्या में छात्र उपस्थित रहे।
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