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13 अक्तूबर 2026 | भरोसेमंद खबरें, सीधे आपके शहर से
अंक: 13 Oct 2026
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गाजियाबाद के साहिबाबाद में निर्माणाधीन गोदाम का लेंटर गिरा, 11 लोग घायल; मालिक हिरासत में

न्यूज़रूम डेस्क • • 3 मिनट पढ़ें
गाजियाबाद के साहिबाबाद में निर्माणाधीन गोदाम का लेंटर गिरा, 11 लोग घायल; मालिक हिरासत में

शहीद नगर मेट्रो स्टेशन के पीछे हुआ हादसा, NDRF और SDRF ने चलाया बचाव अभियान; चार घायलों की हालत गंभीर बताई गई

अनप्लग इंडिया। डेस्क

गाजियाबाद। साहिबाबाद के शहीद नगर इलाके में सोमवार, 12 अक्टूबर की शाम एक निर्माणाधीन गोदाम का लेंटर अचानक गिर गया। हादसे के समय वहां काम कर रहे मजदूर और अन्य लोग मलबे में दब गए। पुलिस, दमकल विभाग, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।  हादसे में 11 लोग घायल हुए और सभी को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।

शाम को अचानक भरभराकर गिरा लेंटर

शहीद नगर मेट्रो स्टेशन के पीछे रावल पिंडी गार्डन इलाके में लगभग 200 वर्गगज के भूखंड पर गोदामनुमा ढांचे का निर्माण किया जा रहा था। निर्माणाधीन ढांचे की ऊंचाई करीब 25 फुट बताई गई है।

सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे लेंटर और उसकी शटरिंग अचानक नीचे गिर गई। उस समय निर्माण कार्य चल रहा था, जिससे मौके पर मौजूद लोग मलबे में फंस गए। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने भी बचाव में मदद की और पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस, दमकल और NDRF-SDRF ने संभाला मोर्चा

घटना की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस टीमों के साथ दमकल विभाग, NDRF और SDRF को मौके पर बुलाया गया। बचाव दल ने क्रेन और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया और घायलों को बाहर निकाला।

घायलों को एमएमजी अस्पताल और मोहन नगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिपोर्ट में चार लोगों की हालत गंभीर बताई गई थी। देर रात तक मलबे की जांच और बचाव अभियान पूरा कर लिया गया। अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में किसी की मौत की सूचना नहीं दी गई।

निर्माण में लापरवाही की आशंका, गोदाम मालिक हिरासत में

प्रारंभिक जांच के हवाले से बताया गया कि लगभग 25 फुट की ऊंचाई पर पर्याप्त ठोस सपोर्ट के बिना लेंटर डालने का काम किया जा रहा था। इसे हादसे की संभावित वजह माना गया है। पुलिस ने गोदाम मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी।

हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच जरूरी है। शुरुआती जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी नहीं माना जा सकता। पुलिस की जांच और संबंधित विभागों की तकनीकी पड़ताल के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

निर्माण स्थलों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस हादसे ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों, शटरिंग की मजबूती और कामगारों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऊंचाई पर कंक्रीट का लेंटर डालते समय पर्याप्त सहारा और तकनीकी निगरानी बेहद जरूरी होती है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में हादसे की क्या वजह सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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