साकेत महाविद्यालय, अयोध्या से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचीं जस्टिस सुनीता अग्रवाल
साकेत महाविद्यालय उत्तर प्रदेश से विधि की पढ़ाई कर हासिल की उपलब्धि, गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश के बाद अब देश की सर्वोच्च अदालत में न्यायाधीश बनीं
अनप्लग इंडिया। डेस्क
अयोध्या/नई दिल्ली। अयोध्या के साकेत महाविद्यालय उत्तर प्रदेश के लिए यह गौरव का अवसर है कि महाविद्यालय से विधि की पढ़ाई कर स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली जस्टिस सुनीता अग्रवाल अब भारत के सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश बन गई हैं। उन्होंने 6 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। इससे पहले वह गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थीं। उनकी न्यायिक यात्रा इलाहाबाद हाईकोर्ट से शुरू होकर गुजरात हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची है।
साकेत महाविद्यालय से विधि की पढ़ाई, अवध विश्वविद्यालय से डिग्री
जस्टिस सुनीता अग्रवाल की शैक्षणिक उपलब्धि में साकेत महाविद्यालय, अयोध्या उत्तर प्रदेश का विशेष स्थान है। उन्होंने महाविद्यालय के विधि विभाग से अध्ययन कर विधि की स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की। उनकी कानून की डिग्री तत्कालीन अवध विश्वविद्यालय से रही है, जिसे अब डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने वर्ष 1989 में अवध विश्वविद्यालय से विधि में स्नातक किया और 16 दिसंबर 1990 को अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया।
इस लिहाज से उनकी उपलब्धि साकेत महाविद्यालय और अयोध्या के लिए विशेष महत्व रखती है। महाविद्यालय में विधि की पढ़ाई से शुरू हुआ उनका सफर आज देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था तक पहुंच चुका है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में 21 साल की वकालत
कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत शुरू की। उन्होंने सिविल मामलों में प्रैक्टिस की और करीब 21 वर्षों तक अधिवक्ता के रूप में कार्य किया।
उनके लंबे अनुभव के बाद 21 नवंबर 2011 को उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 6 अगस्त 2013 को उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट में उन्होंने जुलाई 2023 तक न्यायिक दायित्व निभाए।
गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश बनीं
न्यायिक क्षेत्र में लंबे अनुभव के बाद जस्टिस सुनीता अग्रवाल को 23 जुलाई 2023 को गुजरात हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। उन्होंने अक्टूबर 2026 तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली।
गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनके कार्यकाल के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सितंबर 2026 में उन्हें सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नति के लिए अनुशंसित किया।
6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश बनीं
केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने 6 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उनकी नियुक्ति दर्ज है।
उनके साथ दो अन्य हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को भी सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया। इन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 37 हो गई।
साकेत महाविद्यालय के लिए गौरव का क्षण
जस्टिस सुनीता अग्रवाल की इस उपलब्धि पर साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अयोध्या के प्राचार्य प्रो. दानपति तिवारी ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
प्राचार्य प्रो. दानपति तिवारी ने कहा कि साकेत महाविद्यालय के विधि विभाग से अध्ययन कर स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली जस्टिस सुनीता अग्रवाल का देश के सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश बनना महाविद्यालय के साथ-साथ अयोध्या के लिए भी गौरव का विषय है। उन्होंने जस्टिस सुनीता अग्रवाल के उज्ज्वल कार्यकाल और न्यायिक दायित्वों के सफल निर्वहन की कामना की।
साकेत महाविद्यालय से सुप्रीम कोर्ट तक—एक प्रेरणादायक सफर
जस्टिस सुनीता अग्रवाल की यात्रा अयोध्या के साकेत महाविद्यालय से शुरू होकर इलाहाबाद हाईकोर्ट, गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश और अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची है। उनकी यह उपलब्धि विधि के विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का विषय है और साकेत महाविद्यालय के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश बनने पर दी हार्दिक बधाई
साकेत महाविद्यालय, अयोध्या उत्तर प्रदेश के विधि विभाग से स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण जस्टिस सुनीता अग्रवाल के उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश बनने पर साकेत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. दानपति तिवारी ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जस्टिस सुनीता अग्रवाल की यह उपलब्धि न्यायिक क्षेत्र के साथ-साथ साकेत महाविद्यालय उत्तर प्रदेश और अयोध्या के लिए भी गौरव का विषय है। उन्होंने जस्टिस सुनीता अग्रवाल के उज्ज्वल कार्यकाल तथा न्यायिक दायित्वों के सफल निर्वहन की कामना की।
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