मायावती के पैर छूकर आकाश आनंद ने लिया आशीर्वाद, 10 सेकंड तक झुकाए रखा सिर; रिश्तों में आई नरमी के मिले संकेत
कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में दिखे बुआ-भतीजे; मायावती ने सिर पर हाथ रखकर दिया आशीर्वाद, माफी और पार्टी में वापसी के बाद पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में साथ आए नजर
अनप्लग इंडिया। डेस्क
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राजनीति में शुक्रवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने पार्टी के भीतर बुआ-भतीजे के रिश्तों को लेकर फिर चर्चा तेज कर दी। बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने पार्टी संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अपनी बुआ के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। आकाश कुछ देर तक सिर झुकाए हाथ जोड़े खड़े रहे। इसके बाद मायावती ने उनके सिर पर हाथ रखा और पीठ थपथपाकर आशीर्वाद दिया।
आकाश आनंद को दोबारा पार्टी में जिम्मेदारी दिए जाने और उनके माफी मांगने के बाद यह पहला मौका बताया जा रहा है, जब दोनों एक सार्वजनिक कार्यक्रम में साथ दिखाई दिए। इस घटनाक्रम को बसपा के भीतर आकाश की भूमिका और मायावती के साथ उनके संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
कांशीराम को श्रद्धांजलि देने के दौरान हुआ भावुक दृश्य
शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे मायावती लखनऊ स्थित बसपा के प्रदेश कार्यालय पहुंचीं। यहां उन्होंने कांशीराम की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने आकाश आनंद को भी आगे बढ़कर श्रद्धांजलि देने का संकेत किया।
आकाश ने कांशीराम की तस्वीर पर फूल चढ़ाए और उन्हें नमन किया। इसके बाद वह मायावती के पास पहुंचे और उनके पैर छू लिए। आकाश ने हाथ जोड़कर सिर झुकाए रखा। जवाब में मायावती ने उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया और पीठ थपथपाई।
इस मुलाकात की चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि पिछले कुछ समय से आकाश आनंद की राजनीतिक भूमिका को लेकर बसपा के भीतर लगातार बदलाव होते रहे हैं। उन्हें कई बार अहम पदों की जिम्मेदारी दी गई और फिर उनसे वापस ली गई। पार्टी से बाहर किए जाने के बाद उनकी वापसी और अब मायावती के साथ सार्वजनिक रूप से दिखाई देना, दोनों राजनीतिक घटनाक्रमों को जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों के हवाले से दी गई जानकारी के मुताबिक, मायावती ने आकाश को गुरुवार रात दिल्ली से लखनऊ बुलाया था। वहीं, आकाश के पिता आनंद कुमार और उनके छोटे भाई ईशान आनंद दिल्ली में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए।
मायावती ने केंद्र से फिर उठाई कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग
कांशीराम की पुण्यतिथि पर मायावती ने उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए केंद्र सरकार से उन्हें भारत रत्न देने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने अपना पूरा जीवन सामाजिक परिवर्तन और बहुजन समाज के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया था। उनके योगदान को सम्मान देना और बहुजन समाज की भावनाओं का आदर करना जरूरी है।
मायावती ने कहा कि कांशीराम का विश्वास था कि बहुजन समाज को सत्ता किसी की कृपा या दया से नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिए गए मताधिकार की ताकत से हासिल करनी चाहिए। उनके अनुसार, अपने वोट की शक्ति को पहचानना और उसकी रक्षा करना समाज के लिए बेहद जरूरी है।
बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि बहुजन समाज के करोड़ों लोग ही उनका परिवार हैं। उनके हित, कल्याण और सम्मान को वह सर्वोपरि मानती हैं। उन्होंने कांशीराम द्वारा उन्हें उत्तराधिकारी बनाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि वह उनके विश्वास और विचारधारा को कमजोर नहीं पड़ने देंगी।
परिवारवाद से दूर रखने की बात, बहुजन आंदोलन जारी रखने का संकल्प
मायावती ने बसपा और बहुजन आंदोलन को परिवारवाद से मुक्त रखने की अपनी नीति को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि कांशीराम के दिखाए रास्ते पर चलते हुए संगठन का मुख्य उद्देश्य बहुजन समाज के आत्मसम्मान, स्वाभिमान और राजनीतिक अधिकारों की रक्षा करना है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में बसपा की चार बार सरकार बनने का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं को संगठन की राजनीतिक ताकत याद दिलाई। उनका संदेश था कि आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए विचारधारा, संगठन और समाज के हितों को प्राथमिकता देनी होगी।
आकाश आनंद की पार्टी में वापसी और उन्हें फिर जिम्मेदारी सौंपे जाने के बीच मायावती का परिवारवाद से दूरी बनाने का बयान भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, उन्होंने इस मौके पर आकाश के भविष्य की भूमिका को लेकर कोई नया ऐलान नहीं किया।
महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी पर सरकार को घेरा
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मायावती ने देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, अशिक्षा और पिछड़ापन ऐसी समस्याएं हैं, जिनसे समाज के अलग-अलग वर्ग प्रभावित हो रहे हैं।
बसपा प्रमुख के अनुसार, केवल कुछ लोगों के लिए बेहतर आर्थिक परिस्थितियां बना देने से पूरा देश खुशहाल नहीं हो सकता। इसके लिए ऐसी नीतियों की जरूरत है, जिनसे आम नागरिकों को रोजगार के अवसर मिलें और वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें।
उन्होंने सरकारों से अपने संसाधनों और क्षमताओं के आधार पर ठोस कदम उठाने की अपील की। मायावती ने कहा कि सिर्फ घोषणाओं और बड़े-बड़े दावों से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। इसके लिए सही नीयत और प्रभावी नीतियों के साथ काम करना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन मुद्दों को बसपा लंबे समय से उठाती रही है, वे आज नई पीढ़ी के युवाओं के बीच भी चर्चा का विषय बन रहे हैं। उनके बयान में जेन-जी और जेन-अल्फा पीढ़ी का उल्लेख भी शामिल रहा।
आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं को दिया संदेश
मायावती ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ तैयारी में जुटने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शोषित और वंचित वर्गों को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सत्ता में भागीदारी हासिल करना जरूरी है। इसके लिए बहुजन समाज को अपने मताधिकार की अहमियत समझनी होगी और वोट की ताकत का इस्तेमाल करना होगा।
मायावती ने सत्ता की भागीदारी को बहुजन समाज के अधिकारों और सम्मान से जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने की अपील की। बसपा की राजनीतिक रणनीति में आगामी चुनावों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, ऐसे में यह संदेश पार्टी के चुनावी अभियान की दिशा के लिहाज से भी अहम है।
अंबेडकर पार्क में जुटे बसपा समर्थक, पांचवीं बार मायावती को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प
कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ के अंबेडकर पार्क में बड़ी संख्या में बसपा कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। खबर में दी गई जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में एक लाख से अधिक कार्यकर्ताओं के जुटने का दावा किया गया।
कार्यक्रम में शामिल समर्थकों ने कांशीराम के विचारों और मायावती के नेतृत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। आजमगढ़ से आए लोकगायक पवन कल्याण ने अपने गीतों के माध्यम से बहुजन समाज के इतिहास और राजनीतिक भागीदारी का संदेश दिया। उन्होंने 2027 में उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार बनने की संभावना जताई और वोटों के बंटवारे को लेकर चिंता जाहिर की।
इटावा के भरथना क्षेत्र से आए बसपा सेक्टर अध्यक्ष बृजेश बौद्ध ने कहा कि वे मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने के संकल्प के साथ कार्यक्रम में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं की तैयारी जारी है।
हरदोई से आई मीरा ने बसपा को मजबूत बताते हुए कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ का हवाला दिया। बरेली की नीतू ने कहा कि उनके अनुसार मायावती की सरकारों में युवाओं की शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर काम हुआ है। रामपुर की नीलम कांशीराम की तस्वीर लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं और
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