सौरभ राजपूत हत्याकांड: कोर्ट में जज ने पूछा- तुम्हें क्या सजा दें?
नीले ड्रम वाली मुस्कान-साहिल फैसला सुनते ही रोने लगे
जेल में बेचैन, खाना कम खाया; दोषी करार देकर जज बोले- अपराध डराने वाला
अनप्लग इंडिया। डेस्क
मेरठ। चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मेरठ जिला अदालत ने बुधवार को मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को हत्या का दोषी करार दिया। मामले में सजा की घोषणा अब 14 अक्टूबर को होगी। दोषी करार दिए जाने के बाद जब जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने दोनों से पूछा कि उन्हें क्या सजा दी जाए, तो मुस्कान और साहिल कोई जवाब नहीं दे सके। दोनों चुप रहे और फिर रोने लगे।
फैसला सुनाते हुए जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने कहा कि इस तरह के अपराध से समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बनता है। इसका प्रभाव लोगों की सोच पर भी पड़ता है। यदि समाज में अपराध लगातार बढ़ते हैं तो यह चिंता का विषय है। न्याय व्यवस्था की जिम्मेदारी लोगों को सुरक्षा का भरोसा देना और कानून के प्रति उनका विश्वास कायम रखना है।
जज ने कहा कि अदालत की जिम्मेदारी केवल अपराध और आरोपी को सजा देने तक सीमित नहीं होती। न्याय करते समय आरोपी के अधिकारों के साथ-साथ समाज के हितों का भी ध्यान रखना होता है।
जज ने कहा- शव के टुकड़े कर छिपाना जघन्य अपराध
मामले में 19 सितंबर को अंतिम बहस पूरी हो गई थी। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुनाने के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की थी। बुधवार शाम करीब 4:30 बजे जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा कोर्टरूम पहुंचे। मुस्कान और साहिल को मेरठ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत से जोड़ा गया।
जज ने स्क्रीन पर दोनों को देखा। पहले साहिल शुक्ला और फिर मुस्कान रस्तोगी का नाम लिया। उन्होंने कहा कि गवाहों के बयान और अदालत के सामने पेश किए गए साक्ष्यों से यह साबित हुआ है कि दोनों ने सौरभ राजपूत की हत्या की थी। हत्या के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव के टुकड़े करके उन्हें नीले ड्रम में पैक किया गया। अदालत ने इसे जघन्य अपराध बताते हुए दोनों को दोषी करार दिया।
फैसला सुनते ही सौरभ की मां और भाई भावुक
अदालत का फैसला सुनाए जाने के बाद सौरभ राजपूत के भाई राहुल और उनकी मां रेनू देवी भावुक हो गईं और रोने लगीं। वहीं, सौरभ की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता केके चौबे और विजय बहादुर ने हाथ जोड़कर अदालत का आभार जताया। उन्होंने कोर्ट से दोनों दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की।
फैसले के बाद मुस्कान और साहिल को किसी दूसरी जेल में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। दोनों फिलहाल मेरठ जेल में ही रहेंगे। जेल प्रशासन ने उनकी निगरानी बढ़ा दी है।
जेल में बेचैन रहे मुस्कान और साहिल
जेल सूत्रों के अनुसार, दोषी करार दिए जाने के बाद मुस्कान और साहिल बैरक में काफी बेचैन रहे। दोनों रोते रहे और रात में खाना भी कम खाया। उनकी स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान पिछले तीन दिनों से ज्यादा समय पूजा-पाठ कर रही है, जबकि साहिल भी ज्यादातर चुप रहता है। जेल स्टाफ दोनों के व्यवहार पर लगातार नजर रख रहा है। जरूरत पड़ने पर काउंसलर की मदद भी ली जाएगी।
जेल अधीक्षक के मुताबिक, पिछले 17 महीनों में मुस्कान से मिलने जेल में कोई नहीं आया है। वहीं साहिल से पहले उसकी नानी मिलने आती थीं, लेकिन अब उसका भाई उससे मिलने आता है।
जज ने दोनों से पूछा- तुम्हें क्या सजा दें?
दोषी करार दिए जाने के बाद जज ने मुस्कान और साहिल से कहा कि अदालत यह तय कर चुकी है कि उन्हें क्या सजा दी जानी चाहिए, लेकिन इसके बावजूद कानून के तहत उनसे यह पूछा जा रहा है कि उन्हें क्या सजा दी जाए।
जज के सवाल पर दोनों आरोपी चुप रहे। कुछ देर बाद दोनों रोने लगे। उनकी बात सुनने के बाद अदालत ने सजा सुनाने का फैसला 14 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया।
3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ राजपूत की हत्या
मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी सौरभ कुमार राजपूत लंदन से लौटकर मेरठ आए थे। आरोप के मुताबिक, उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने 3 मार्च 2025 को उनकी हत्या कर दी थी। इस वारदात में उसके प्रेमी साहिल शुक्ला उर्फ मोहित ने भी उसका साथ दिया था।
बताया गया कि पहले खाने में दवा मिलाकर सौरभ को बेहोश किया गया। इसके बाद बेडरूम में सोते समय मुस्कान ने सौरभ के सीने में चाकू से वार किया।
हत्या के बाद शव को बाथरूम में ले जाया गया। आरोप है कि वहां साहिल ने शव के दोनों हाथ और सिर काटकर धड़ से अलग कर दिए। शव को ठिकाने लगाने के लिए उसके टुकड़ों को प्लास्टिक के ड्रम में रखा गया और बाद में ड्रम में सीमेंट का घोल भर दिया गया।
परिवार और पड़ोसियों को गुमराह करने के लिए शिमला-मनाली गई मुस्कान
वारदात के बाद परिवार और पड़ोसियों को गुमराह करने के लिए मुस्कान शिमला-मनाली चली गई। इस दौरान वह करीब 13 दिनों तक इंस्टाग्राम पर वीडियो और तस्वीरें पोस्ट करती रही, ताकि लोगों को यही लगता रहे कि वह और सौरभ घूमने गए हैं।
मामले का खुलासा 18 मार्च को हुआ, जब सौरभ का छोटा भाई राहुल अपने भाई के घर पहुंचा। वहां उसने मुस्कान को एक युवक यानी साहिल के साथ देखा। राहुल ने जब अपने भाई के बारे में पूछा तो मुस्कान कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी।
इसी दौरान घर के अंदर से दुर्गंध भी आ रही थी। राहुल ने शोर मचाया तो आसपास के लोग भी वहां पहुंच गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर आई और जांच के दौरान सौरभ की हत्या का खुलासा हुआ।
बाद में पुलिस हिरासत में मुस्कान और साहिल ने पुलिस को हत्या और शव को ठिकाने लगाने की पूरी कहानी बताई।
मामले में आगे क्या होगा?
अदालत ने दोनों को हत्या के मामले में दोषी करार दे दिया है। अब 14 अक्टूबर को दोनों की सजा पर फैसला सुनाया जाएगा। तब यह स्पष्ट होगा कि अदालत दोषियों को क्या सजा देती है।
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