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मोदी बोले- विकसित भारत बनने तक न थकूंगा, न रुकूंगा
सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया, ‘वी विल डू इट’ के जरिए संकल्प दोहराया
रिंकू यादव- अनप्लग इंडिया। डेस्क
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सार्वजनिक जीवन में अपने 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। करीब 50 मिनट के संबोधन में उन्होंने अपने राजनीतिक सफर, गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक की यात्रा और आने वाले वर्षों के लक्ष्यों का उल्लेख किया। अपने संबोधन में उन्होंने बार-बार ‘वी विल डू इट’ यानी ‘हम करके दिखाएंगे’ का संकल्प दोहराया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य पूरा होने तक वह न थकेंगे और न रुकेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए राजनीति या पद से अधिक महत्वपूर्ण देश की सेवा और निर्धारित लक्ष्य हैं।
‘मैं महत्वाकांक्षा नहीं, मिशन के लिए जीता हूं’
मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा को प्राथमिकता नहीं दी, बल्कि मिशन को केंद्र में रखकर काम किया। उन्होंने कहा कि जीवन में सामने आई परिस्थितियों और चुनौतियों ने उन्हें लगातार सीखने का अवसर दिया।
उन्होंने कहा कि विरोध और कठिन परिस्थितियों ने भी उन्हें लोकतंत्र की ताकत समझने और आगे बढ़ने की सीख दी। 25 वर्षों की यात्रा को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने उपलब्धियों से अधिक कृतज्ञता की भावना व्यक्त की।
‘25 साल का आकलन इस बात से नहीं कि मैं कहां पहुंचा’
प्रधानमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों का मूल्यांकन केवल इस आधार पर नहीं किया जाना चाहिए कि वह स्वयं कहां पहुंचे, बल्कि यह देखना जरूरी है कि इन वर्षों में देश कहां पहुंचा है।
उन्होंने भारत को अपनी जन्मभूमि बताते हुए कहा कि देश की सेवा करने का अवसर किसी भी पद या प्रतिष्ठा से बड़ा है। उनके मुताबिक सत्ता और पद अस्थायी हैं, जबकि राष्ट्र की सेवा का अवसर महत्वपूर्ण है।
गुजरात से शुरू हुआ ‘हम करके दिखाएंगे’ का संकल्प
मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था का ज्यादा अनुभव नहीं था, लेकिन जनता की शक्ति पर विश्वास था। उन्होंने कहा कि लोगों को साथ लेकर निर्णय लेने और नीतियों को लागू करने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा कि इसी दौरान ‘वी विल डू इट’ का विश्वास मजबूत हुआ और गुजरात में कई कार्यों को आगे बढ़ाया गया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में 2014 के आसपास देश के सामने मौजूद चुनौतियों का भी जिक्र किया।
‘अब आराम का समय नहीं, आगे बढ़ने का समय’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के सामने आने वाले समय में कई बड़े लक्ष्य हैं। उन्होंने युवाओं से इन अवसरों को पहचानने और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि भारत को तकनीक, खेल, उद्योग और विमानन सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता को और मजबूत करना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह दुनिया आज भारत के पायलटों की चर्चा करती है, उसी तरह भविष्य में ‘मेड इन इंडिया’ विमान भी वैश्विक पहचान बनाएंगे।
विकसित भारत से लेकर ओलंपिक तक का संकल्प
अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने कई राष्ट्रीय लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए ‘वी विल डू इट’ का नारा दोहराया। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, आत्मनिर्भर भारत, ओलंपिक की मेजबानी और अंतरिक्ष क्षेत्र में आगे बढ़ने जैसे लक्ष्यों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए दूरदर्शी नीतियों और लगातार मेहनत की जरूरत होगी।
कृषि और तकनीक में बदलाव का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने पिछले वर्षों में देश में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत में बने मोबाइल फोन की वैश्विक स्तर पर पहचान बढ़ी है। उन्होंने बिजली और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया।
खेती का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि 2015 से 2025 के दशक में कृषि वृद्धि दर आजादी के बाद के किसी भी दशक की तुलना में सबसे अधिक रही।
विनायक मंदिर में पूजा के बाद कार्यक्रम में पहुंचे मोदी
कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री ने दिल्ली में विनायक मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। मंदिर में उन्होंने भगवान को फूल अर्पित किए और आरती में शामिल हुए। इसके बाद वह इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं और अपने सार्वजनिक जीवन की यात्रा में साथ रहे लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों का यह पड़ाव अतीत को याद करने के साथ-साथ भविष्य के संकल्पों को नई ऊर्जा देने का अवसर है।
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