नोएडा की ग्रैंड ओमैक्स सोसायटी में कुत्ते का हमला, पालतू पग की मौत; मालकिन और डॉग वॉकर के खिलाफ FIR
सेक्टर-93बी की सोसायटी में सुबह टहलने के दौरान हुई घटना, CCTV वीडियो सामने आने के बाद पालतू कुत्तों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नोएडा। सेक्टर-93बी स्थित ग्रैंड ओमैक्स सोसायटी में एक पालतू कुत्ते के हमले में दूसरे कुत्ते की मौत का मामला सामने आया है। घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है। हमले में अपने पालतू पग को बचाने की कोशिश कर रही महिला भी प्रभावित हुई। घटना का CCTV वीडियो सामने आने के बाद सोसायटी में पालतू जानवरों को सुरक्षित तरीके से घुमाने और उनकी निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
महिला अपने पालतू पग को सुबह टहलाने के लिए निकली थीं। इसी दौरान सोसायटी में मौजूद एक बड़े नस्ल के कुत्ते ने पग पर हमला कर दिया। महिला ने अपने पालतू कुत्ते को बचाने की कोशिश की, लेकिन हमला इतना गंभीर था कि पग को बचाया नहीं जा सका। घायल कुत्ते को पशु चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
CCTV वीडियो में दिखी बचाने की कोशिश
घटना के सामने आए CCTV फुटेज में महिला अपने पालतू कुत्ते को बचाने की कोशिश करती दिखाई देती हैं। मौके पर मौजूद अन्य लोग भी दोनों कुत्तों को अलग करने का प्रयास करते नजर आते हैं। इसके बावजूद पग की जान नहीं बच सकी।
मृत पग का नाम गोगो बताया गया है। उसकी मालकिन ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि हमलावर कुत्ते से पहले भी उनके पालतू कुत्ते को खतरा रहा था। इन पूर्व घटनाओं से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के आधार पर ही होगी।
कुत्ते की मालकिन और डॉग वॉकर के खिलाफ मामला दर्ज
पीड़ित महिला की शिकायत पर नोएडा के फेज-2 थाने में हमलावर कुत्ते की मालकिन और डॉग वॉकर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के संबंध में लागू कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने रिहायशी सोसायटियों में पालतू जानवरों को घुमाने के दौरान सावधानी, नियंत्रण और जिम्मेदारी के पालन का मुद्दा फिर चर्चा में ला दिया है।
पालतू जानवरों की सुरक्षा पर फिर चर्चा
रिहायशी परिसरों में पालतू कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर ले जाते समय उनके मालिकों और देखभाल करने वालों की जिम्मेदारी अहम होती है। किसी भी हमले की स्थिति में दूसरे निवासियों और उनके पालतू जानवरों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल मामले में पुलिस जांच जारी है। प्राथमिकी दर्ज होना अपने आप में आरोपों का अंतिम प्रमाण नहीं है; आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।
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