प्रतापगढ़ में छात्रा से अभद्रता के आरोप में दो युवक गिरफ्तार, CCTV फुटेज से हुई पहचान
भंगवा चुंगी चौराहे पर पुलिस चौकी के पास हुई घटना; छात्रा ने चौकी पहुंचकर पुलिस को दी सूचना, एंटी रोमियो टीम ने की कार्रवाई
दीपक पांडेय – अनप्लग इंडिया।
प्रतापगढ़। शहर के भंगवा चुंगी चौराहे पर पुलिस चौकी के नजदीक एक छात्रा के साथ कथित छेड़खानी और अभद्रता का मामला सामने आया है। आरोप है कि बाइक सवार दो युवकों ने छात्रा का रास्ता रोककर उससे मोबाइल नंबर मांगा और परेशान किया। छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए पास स्थित पुलिस चौकी पहुंचकर घटना की जानकारी दी। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
छात्रा को परेशान कर रहे थे बाइक सवार युवक
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम छात्रा भंगवा चुंगी चौराहे पर मौजूद थी। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक कथित तौर पर उसके आसपास चक्कर लगाने लगे। आरोप है कि दोनों ने छात्रा से मोबाइल नंबर मांगा और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया।
छात्रा ने स्थिति को भांपते हुए पुलिस चौकी की ओर रुख किया। उसे चौकी की तरफ जाते देखकर दोनों युवक मौके से चले गए। इसके बाद छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
CCTV फुटेज के आधार पर हुई पहचान
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। शिकायत और उपलब्ध फुटेज के आधार पर दोनों युवकों की पहचान की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुभाष पाल पुत्र दिनेश पाल, निवासी अकारीपुर, थाना मांधाता और दक्ष पाल पुत्र शोभनाथ, निवासी भवानीगढ़ ताला, थाना रानीगंज के रूप में हुई है।
एंटी रोमियो टीम ने की कार्रवाई
मंगलवार को एंटी रोमियो टीम ने दोनों आरोपियों को पकड़कर नगर कोतवाली पहुंचाया। इस कार्रवाई में एंटी रोमियो प्रभारी महिला एसओ संगीता की टीम की भूमिका बताई गई है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि आरोपियों को डंडे से पीटते हुए ले जाया गया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत बयान उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर फिर चर्चा
पुलिस चौकी के पास हुई इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। शिकायत के बाद सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही की जानी चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा के लिए शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी महत्वपूर्ण है।
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