सुप्रीम कोर्ट ने TMC के 4 फ्रीज बैंक खातों को चलाने की मांग ठुकराई
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में लंबित मामले में हस्तक्षेप से किया इनकार, चारों खातों को संचालित करने की मांग पर जल्द सुनवाई के निर्देश
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उस याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें पुलिस द्वारा फ्रीज किए गए चार बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति मांगी गई थी। इन खातों में करीब 804 करोड़ रुपये बताए गए हैं।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और पीबी वराले की पीठ ने कहा कि इस मामले में फिलहाल हस्तक्षेप करना उचित नहीं है। अदालत ने कलकत्ता हाईकोर्ट से मामले की सुनवाई में तेजी लाने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि बैंक खातों में मौजूद धन पर अधिकार का सवाल व्यापक विवाद से जुड़ा हुआ है और उस पर अभी फैसला होना बाकी है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई निष्कर्ष देने से भी परहेज किया। चारों खाते पश्चिम बंगाल पुलिस की कार्रवाई के बाद डेबिट-फ्रीज किए गए थे। TMC की ओर से इन खातों को संचालित करने की अनुमति मांगी गई थी।
सर्किट हाउस से बाहर जाने के मामले में महुआ मोइत्रा की याचिका, बंगाल सरकार से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर पश्चिम बंगाल सरकार और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि नादिया जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें कृष्णानगर के सर्किट हाउस से बाहर जाने के लिए कहा, जबकि उन्हें वहां कमरा आवंटित किया गया था। कोर्ट ने राज्य सरकार और अन्य पक्षों को एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मोइत्रा ने 14 अगस्त की घटना के संबंध में दावा किया था कि सर्किट हाउस के बाहर भीड़ जमा थी और उन्हें देर रात परिसर छोड़ने के लिए दबाव दिया गया। उन्होंने इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग भी की थी।
2008 अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी अहमद बावा उर्फ अब्बू अबुबकर बरेलवी की मौत की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस मामले में 56 लोगों की मौत हुई थी। जस्टिस विक्रम नाथ, एजी मसीह और संदीप मेहता की पीठ ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी करते हुए ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड भी तलब किया है। अहमद बावा ने गुजरात हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उसकी मौत की सजा बरकरार रखी गई थी। 7 जुलाई को गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में 38 दोषियों की मौत की सजा और 11 अन्य दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी थी।
मणिपुर में अलग-अलग उग्रवादी संगठनों के 4 सदस्य गिरफ्तार
मणिपुर में सुरक्षा बलों और पुलिस ने अलग-अलग अभियानों के दौरान प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, तेंगनौपाल जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास PLA के दो कैडर पकड़े गए। इसके अलावा इम्फाल ईस्ट जिले में PLA से जुड़े 46 वर्षीय एक व्यक्ति को कथित तौर पर नए कैडरों की भर्ती से संबंधित गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया। एक अन्य कार्रवाई में थौबल जिले में PREPAK (PRO) से जुड़े एक व्यक्ति को पकड़ा गया। अधिकारियों के मुताबिक, उस पर बिष्णुपुर जिले के चार किशोरों की भर्ती कर उन्हें म्यांमार भेजने में भूमिका का आरोप है। सभी गिरफ्तार लोगों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया गया है।
TMC के चार बैंक खातों में करीब 804 करोड़ रुपये
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का मुख्य मुद्दा TMC के चार डेबिट-फ्रीज बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति से जुड़ा था। इन खातों में करीब 804 करोड़ रुपये बताए गए हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट ने 27 अगस्त को अंतरिम राहत देने से इनकार किया था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप नहीं किया और मामले की सुनवाई जल्द पूरी करने का अनुरोध किया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने इस स्तर पर विवाद के गुण-दोष पर कोई निर्णय नहीं दिया है।
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